
ईरान अपने करीबी चीन को मिसाइल से बना रहा निशाना? IRGC ने कहा- ‘आक्रामकता की मिलेगी सजा’
तेहरान: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। हालांकि सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हो रहा है कि ईरान अपने करीबी सहयोगी चीन को मिसाइल से निशाना बना रहा है, लेकिन अब तक ऐसी किसी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईरान की सैन्य कार्रवाई का केंद्र अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़ा तनाव है, न कि चीन।
IRGC ने अपने ताजा बयान में कहा है कि हालिया हमलों के जवाब में “आक्रामकता करने वालों को सजा दी जाएगी।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सैन्य ठिकानों और IRGC के ठिकानों के बीच जवाबी कार्रवाई का दौर तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी पुष्टि की है कि उसने ईरान में IRGC से जुड़े कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और चीन के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। इसलिए चीन पर ईरान के सीधे मिसाइल हमले का दावा वर्तमान उपलब्ध तथ्यों से मेल नहीं खाता। संभव है कि सोशल मीडिया पर चल रही कुछ पोस्ट भ्रामक या संदर्भ से हटकर साझा की गई हों।
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजार, तेल की कीमतें और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।
फैक्ट चेक: यदि आपकी हेडलाइन का आशय है कि “ईरान अपने करीबी चीन को मिसाइल से निशाना बना रहा है”, तो वर्तमान उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह दावा सही नहीं है। अभी तक ऐसी कोई विश्वसनीय आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। IRGC का “सजा देंगे” वाला बयान अमेरिका और हालिया सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में सामने आया है, चीन के खिलाफ नहीं।

