
आयोग की सख्ती: 68 मजदूरों के समायोजन ना होने पर निदेशक को कड़ी फटकार, सत्येंद्र बारी का सख्त रुख
अढ़सठ श्रमिकों के समायोजन प्रकरण को लेकर हुई आयोग की सुनवाई में बड़ा और सख्त फैसला सामने आया। श्रमिकों को सेवा से हटाए जाने के मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित निदेशक को तीखी फटकार लगाई।
इस दौरान आयोग के सदस्य सत्येंद्र कुमार बारी ने बेहद सख्त तेवर दिखाते हुए स्पष्ट कहा कि जिन श्रमिकों ने अपना पूरा जीवन विभाग की सेवा में लगा दिया, उन्हें बिना ठोस और उचित कारण के बाहर करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा।
सत्येंद्र बारी ने निर्देश दिया कि सभी संविदा श्रमिकों के समायोजन की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मनमानी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आयोग की इस सख्ती से श्रमिकों में नई उम्मीद जगी है। यह संदेश साफ तौर पर गया है कि अब मेहनतकशों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा, और उनके हक के लिए आयोग पूरी मजबूती के साथ खड़ा है।

