
आकाश आनंद को लेकर यूपी में सियासी हलचल, कई दलों की नजर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीएसपी से अलग होने के बाद आकाश आनंद को लेकर सियासी हलचल तेज है। मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से पूरी तरह मुक्त किए जाने के बाद कई राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से उनसे संपर्क और सार्वजनिक अपील की खबरें सामने आई हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीएसपी के पारंपरिक दलित वोट आधार को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज दिखाई दे रही हैं।
संजय निषाद ने दिया निषाद पार्टी में आने का न्योता
एनडीए की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने सितंबर की शुरुआत में आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता दिया था। उन्होंने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की बात कहते हुए आकाश आनंद से पार्टी में आने की अपील की और सम्मान तथा उनकी पसंद की जिम्मेदारी देने की बात कही।
चंद्रशेखर आजाद ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का सार्वजनिक निमंत्रण दिया है। 12 सितंबर को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आकाश आनंद के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हैं। दोनों नेताओं के बीच पहले राजनीतिक मतभेद और बयानबाजी भी सामने आ चुकी है।
अखिलेश यादव के बयान से भी बढ़ी चर्चा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से भी आकाश आनंद को लेकर बयान सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने आकाश आनंद को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। इसके अलावा कांग्रेस, आरपीआई और बहुजन आंदोलन से जुड़े कुछ नेताओं की ओर से भी उन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिशों की खबरें सामने आई हैं।
2027 से पहले दलित वोट आधार पर नजर
राजनीतिक दलों की इन गतिविधियों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। बीएसपी का पारंपरिक दलित समर्थन आधार लंबे समय से राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में आकाश आनंद की अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर अलग-अलग दलों की सक्रियता बढ़ी है। हालांकि, इन तमाम चर्चाओं के बीच आकाश आनंद की ओर से किसी दल में शामिल होने का कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
मायावती पहले ही चुनावी गठबंधन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी हैं। ऐसे में आकाश आनंद को लेकर सामने आ रहे राजनीतिक प्रस्तावों और बयानों पर अब सबकी नजर बनी हुई है।

