
अन्ना हजारे के अनशन से पहले महाराष्ट्र सरकार बैकफुट पर, RTI नियमों पर लगी रोक
महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare की प्रस्तावित भूख हड़ताल से पहले बड़ा कदम उठाते हुए सूचना का अधिकार (RTI) नियमों में किए गए विवादित संशोधनों के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने राज्य सूचना आयोग को निर्देश दिया है कि नए नियमों को तब तक लागू न किया जाए, जब तक इस मुद्दे पर अन्ना हजारे और संबंधित पक्षों से विस्तृत चर्चा नहीं हो जाती।
अन्ना हजारे ने 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी। उनका आरोप है कि नए RTI नियम सूचना के अधिकार कानून की मूल भावना को कमजोर करते हैं और आम नागरिकों के लिए जानकारी प्राप्त करना कठिन बना देंगे। प्रस्तावित संशोधनों में आवेदन शुल्क बढ़ाना, पहचान पत्र अनिवार्य करना और एक आवेदन में केवल एक विषय रखने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं, जिनका पारदर्शिता कार्यकर्ताओं ने भी विरोध किया है।
सरकार के इस फैसले को फिलहाल विवाद को शांत करने की कोशिश माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और अन्ना हजारे के बीच होने वाली बातचीत का क्या नतीजा निकलता है और क्या इसके बाद प्रस्तावित भूख हड़ताल टलेगी या नहीं।

