
Vat Purnima Vrat 2026: क्या करें और क्या न करें (पूरी जानकारी)
वट पूर्णिमा व्रत हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाने वाला महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन बरगद (वट) वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है।
वट पूर्णिमा व्रत में क्या करें (Do’s)
1. व्रत का संकल्प लें
सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लेकर पूजा शुरू करें।
2. बरगद के पेड़ की पूजा करें
बरगद के पेड़ पर जल, फूल, अक्षत, रोली और दीप अर्पित करें।
3. धागा (कलावा) बांधें
पेड़ के चारों ओर सात बार धागा लपेटकर पूजा की परंपरा निभाई जाती है।
4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
इस व्रत में सावित्री-सत्यवान की कथा सुनना और पढ़ना अत्यंत शुभ माना जाता है।
5. दान-पुण्य करें
गरीबों को भोजन, वस्त्र या धन का दान करना शुभ फल देता है।
वट पूर्णिमा व्रत में क्या न करें (Don’ts)
1. झूठ और अपशब्द से बचें
पूरे दिन संयम और शांति बनाए रखें।
2. तामसिक भोजन न करें
लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब से दूरी रखें।
3. व्रत का अपमान न करें
व्रत को बीच में तोड़ना या अनदेखा करना अशुभ माना जाता है।
4. पेड़ को नुकसान न पहुंचाएं
बरगद वृक्ष को किसी भी तरह क्षति न पहुंचाएं, क्योंकि इसे पूजनीय माना जाता है।
5. क्रोध और विवाद से बचें
इस दिन मानसिक शांति बनाए रखना बहुत जरूरी होता है।
महत्व
मान्यता है कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और पति की आयु लंबी होती है।
अगर आप चाहें तो मैं 2026 में वट पूर्णिमा की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि स्टेप-बाय-स्टेप भी बता सकता हूँ।

