Handmade Embroidery: हैंडमेड या मशीनमेड? कपड़े की कढ़ाई पहचानने के 4 आसान ट्रिक, दुकानदार भी नहीं बताते ये बातें

Handmade Embroidery: हैंडमेड या मशीनमेड? कपड़े की कढ़ाई पहचानने के 4 आसान ट्रिक, दुकानदार भी नहीं बताते ये बातें

नई दिल्ली। चिकनकारी, फुलकारी, कश्मीरी, कच्छ या ज़रदोज़ी जैसी कढ़ाई वाले कपड़े खरीदते समय अक्सर यह समझना मुश्किल होता है कि कढ़ाई हाथ से की गई है या मशीन से। कई बार ग्राहक हैंडमेड के नाम पर अधिक कीमत चुका देते हैं, जबकि उन्हें मशीनमेड उत्पाद मिल जाता है। अगर आप भी खरीदारी के दौरान सही पहचान करना चाहते हैं, तो ये आसान ट्रिक्स आपके काम आएंगी।

1. कपड़े की पीछे वाली साइड जरूर देखें

हैंडमेड कढ़ाई की सबसे बड़ी पहचान उसकी पिछली तरफ होती है। हाथ से की गई कढ़ाई के पीछे धागों की गांठें, हल्का असमान पैटर्न और प्राकृतिक फिनिश दिखाई देती है। वहीं मशीनमेड कढ़ाई की बैक साइड काफी साफ, एक जैसी और व्यवस्थित होती है।

2. हर टांका बिल्कुल एक जैसा हो तो सावधान रहें

हाथ से बनी कढ़ाई में हर टांका थोड़ा-बहुत अलग होता है। यही उसकी खूबसूरती और असली पहचान है। यदि सभी टांके बिल्कुल एक जैसी लंबाई और दूरी पर हों, तो यह मशीनमेड होने की संभावना अधिक होती है।

3. डिजाइन में हल्का फर्क हैंडमेड की निशानी है

हैंडमेड कढ़ाई में फूल, पत्तियां या अन्य डिजाइनों में हल्का-सा अंतर दिखाई दे सकता है, क्योंकि इसे कारीगर हाथ से तैयार करता है। मशीनमेड कढ़ाई में हर पैटर्न पूरी तरह एक जैसा और बेहद सटीक होता है।

4. कीमत और समय का रखें ध्यान

हैंडमेड कढ़ाई तैयार करने में कई दिन या कई सप्ताह तक लग सकते हैं। इसलिए इसकी कीमत सामान्यतः मशीनमेड कपड़ों से अधिक होती है। यदि कोई बेहद कम कीमत में हैंडमेड कढ़ाई का दावा करे, तो खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

खरीदारी करते समय रखें ये बातें

  • हमेशा विश्वसनीय दुकान या प्रमाणित हस्तशिल्प विक्रेता से खरीदारी करें।
  • कपड़े की आगे और पीछे दोनों तरफ की कढ़ाई ध्यान से देखें।
  • यदि संभव हो तो कढ़ाई की तकनीक और काम के बारे में दुकानदार से जानकारी लें।
  • बहुत कम कीमत में “हैंडमेड” मिलने के दावे पर तुरंत भरोसा न करें।

सही जानकारी और थोड़ी-सी सावधानी से आप असली हैंडमेड कढ़ाई की पहचान कर सकते हैं। इससे न केवल आपके पैसे की सही कीमत मिलेगी, बल्कि पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों के हुनर को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)