
आजम खान को नहीं मिली राहत, इस मामले में कोर्ट ने बरकरार रखी 2 साल की सजा
रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को अदालत से बड़ा झटका लगा है। एक मामले में उनकी सजा को बरकरार रखा गया है। कोर्ट ने आजम खान की अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले में कोई बदलाव नहीं किया और 2 साल की सजा को कायम रखा।
मामला भड़काऊ भाषण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने एक जनसभा में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी।
आजम खान की ओर से इस फैसले को चुनौती देते हुए ऊपरी अदालत में अपील दाखिल की गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले में पर्याप्त आधार नहीं हैं और सजा पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
फैसले के बाद आजम खान के समर्थकों में निराशा देखने को मिली, जबकि राजनीतिक गलियारों में भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी पहले भी आजम खान से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधती रही है।
आजम खान पिछले कुछ समय से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में सुनवाई चल रही है, जिनमें जमीन, चुनाव और अन्य आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, अब आजम खान के पास आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत उच्च अदालत का रुख करने का विकल्प मौजूद रह सकता है।
फिलहाल इस फैसले के बाद आजम खान को तत्काल कोई राहत नहीं मिली है और अदालत द्वारा पहले सुनाई गई 2 साल की सजा बरकरार रहने से उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

