
घाटे के बावजूद नहीं रुकेगी Air India की उड़ान, 5 साल में दोगुनी होगी क्षमता, CCO निपुण अग्रवाल का बड़ा बयान
एयर इंडिया अपने विस्तार की रणनीति पर तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (CCO) निपुण अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा वित्तीय चुनौतियों और घाटे के बावजूद एयरलाइन अपने विस्तार की रफ्तार धीमी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में अपनी परिचालन क्षमता (Capacity) को दोगुना करना है। एयर इंडिया का फोकस नए विमानों को बेड़े में शामिल करने, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार करने और यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर है।
निपुण अग्रवाल ने कहा कि एयर इंडिया लंबे समय की विकास रणनीति पर काम कर रही है और अल्पकालिक घाटा कंपनी की योजनाओं में बाधा नहीं बनेगा। उनके मुताबिक, एयरलाइन लगातार नए एयरक्राफ्ट की डिलीवरी ले रही है, पुराने विमानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में बढ़ती यात्री संख्या, बेहतर परिचालन क्षमता और आधुनिक बेड़े के दम पर कंपनी अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत करेगी।
एयर इंडिया ने हाल के वर्षों में अपने बेड़े के आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं में सुधार और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी अपनी विस्तार योजना को तय समय पर पूरा करने में सफल रहती है, तो वह वैश्विक विमानन बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है। एयर इंडिया का लक्ष्य भारत को एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। इसके लिए कंपनी नए विमानों की खरीद, नए गंतव्यों पर उड़ानें शुरू करने और सेवा गुणवत्ता में सुधार पर लगातार निवेश कर रही है।

