
PM मोदी ने दिखाई ‘नमो ग्रीन रेल’ को हरी झंडी, जानिए किस हाइड्रोजन तकनीक से दौड़ेगी देश की नई ट्रेन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली ‘नमो ग्रीन रेल’ को हरी झंडी दिखाकर हरित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस ट्रेन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे डीजल पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी बड़ी कमी आएगी।
‘नमो ग्रीन रेल’ ग्रीन हाइड्रोजन से संचालित होगी। ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली बनाकर पानी के इलेक्ट्रोलिसिस के जरिए किया जाता है। यही वजह है कि इसे सबसे स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन माना जाता है। इसके विपरीत, ग्रे हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस से बनती है और ब्लू हाइड्रोजन में कार्बन कैप्चर तकनीक का उपयोग किया जाता है।
भारतीय रेलवे का लक्ष्य भविष्य में हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों का विस्तार कर स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक न केवल प्रदूषण कम करेगी, बल्कि भारत को स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगी।

