
गड्ढों को तालाब दिखाकर करोड़ों का भुगतान? MP में DMF फंड पर उठे बड़े सवाल
भोपाल: में DMF (District Mineral Foundation) फंड के उपयोग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर साधारण गड्ढों को तालाब बताकर करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इन दावों के सामने आने के बाद DMF फंड के इस्तेमाल, कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मीडिया रिपोर्टों और सामने आए आरोपों के अनुसार, जिन निर्माण कार्यों को तालाब या जल संरक्षण परियोजनाओं के रूप में दिखाया गया, उनमें से कुछ स्थलों पर वास्तविक स्थिति अलग होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि अधूरे या कथित रूप से मानकों के अनुरूप न होने वाले कार्यों के बावजूद भुगतान जारी कर दिया गया।
इस मामले के सामने आने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि यदि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, संबंधित विभाग का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
DMF (जिला खनिज प्रतिष्ठान) फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पर्यावरण संरक्षण और अन्य बुनियादी विकास कार्यों पर खर्च करना होता है। इसलिए इस फंड के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल मामले की जांच और दस्तावेजों की समीक्षा की मांग उठ रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने तक आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

