
जयपुर बना जल संरक्षण का नंबर-1 जिला, वंदे गंगा अभियान में रचा इतिहास
राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार जयपुर जिले में 25 मई से शुरू हुआ “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। जिला कलक्टर संदेश नायक ने मीडिया संगोष्ठी में बताया कि गंगा दशमी से प्रारंभ होकर विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून तक चलने वाले इस 12 दिवसीय अभियान में जयपुर ने पूरे प्रदेश में सबसे अधिक सक्रियता दिखाते हुए पहला स्थान हासिल किया है। जिले की ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में 40 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 27 लाख से ज्यादा लोगों ने भाग लेकर जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया। अभियान की शुरुआत ऐतिहासिक गलता तीर्थ से हुई, जहां गंगा आरती, कलश पूजन, महिलाओं की कलश यात्रा और प्राचीन जल कुंडों की सफाई व जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान किया गया। इसके बाद सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को जल संरक्षण से जोड़ा गया।
अभियान के दौरान आगामी मानसून को देखते हुए जल स्रोतों के संरक्षण और उनकी क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, बांधों और सरोवरों की डी-सिल्टिंग कराई गई, जबकि शहरों में नालों और ड्रेनेज सिस्टम की व्यापक सफाई कर जलभराव की समस्या से निपटने की तैयारी की गई। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत जयपुर जिले में 26 करोड़ रुपये की लागत से 935 नए जल संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी गई, वहीं 4 करोड़ रुपये की लागत वाले 151 पुराने कार्य भी पूर्ण किए गए। “हरियालो राजस्थान” कार्यक्रम के अंतर्गत रिकॉर्ड 20 लाख गड्ढे तैयार किए गए हैं, जिनमें मानसून के दौरान बड़े पैमाने पर पौधारोपण होगा। इसके साथ ही, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित सीएसआर कार्यशाला के माध्यम से निजी क्षेत्र और औद्योगिक समूहों को भी जल संरक्षण अभियान से जोड़ा गया, जिससे इस जनभागीदारी अभियान को और मजबूती मिली।
जिला प्रशासन ने इस अभियान के तहत कई अभिनव पहल भी शुरू की हैं। ग्राम पंचायत स्तर तक सभी सरकारी भवनों में वर्षा जल संग्रहण के लिए रीचार्ज शाफ्ट बनाए जा रहे हैं, जबकि शहरों और कस्बों के जलभराव वाले क्षेत्रों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए विशेष रीचार्ज तकनीक लागू की जा रही है। नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग और पशुपालन विभाग सहित विभिन्न विभागों ने समन्वय के साथ हजारों जल संरक्षण कार्य पूरे किए हैं। किसानों को ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर जैसी जल बचत तकनीकों के प्रति जागरूक किया गया, वहीं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मंडियों में प्याऊ शिविर लगाकर लोगों को राहत पहुंचाई गई। अभियान के समापन अवसर पर विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को “जल गौरव सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। जिला कलक्टर संदेश नायक ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए जयपुर की जनता, जनप्रतिनिधियों और सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है।

