
यूपी में तेजी से बढ़ रहा डायबिटीज का खतरा, सर्वे में सामने आई चिंताजनक तस्वीर
उत्तर प्रदेश में मधुमेह यानी डायबिटीज तेजी से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। हाल ही में सामने आए एक सर्वेक्षण ने राज्य में बढ़ते शुगर के मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश का लगभग हर पांचवां पुरुष और हर छठी महिला डायबिटीज की चपेट में है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी और असंतुलित खानपान इसके प्रमुख कारण हैं।
सर्वे में यह भी सामने आया है कि शहरी क्षेत्रों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, जंक फूड का बढ़ता सेवन, तनाव और मोटापा इस बीमारी के जोखिम को बढ़ा रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी हैं जिन्हें यह पता ही नहीं है कि वे डायबिटीज से पीड़ित हैं। समय पर जांच न होने के कारण बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है और हृदय, किडनी, आंखों तथा नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, रोजाना व्यायाम और वजन नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टर लोगों को मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दे रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जागरूकता और रोकथाम पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

