
‘8759 फीट की ऊंचाई, 112 KM रोड़ और 60 इंच मोटा बर्फ…’, ब्रावो BRO 72 घंटों में तोड़ा चक्रव्यूह, देखें तस्वीरें
प्रकृति के रौद्र रूप और भारी बर्फबारी में सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तो कमाल कर दिया है. पिछले एक हफ्ते से भारी बर्फबारी के कारण बंद पड़े 112 किलोमीटर लंबे किश्तवाड़-संसारी मार्ग को BRO ने रिकॉर्ड समय में ट्रैफिक बहाल कर दिया है. लगातार हो रहे बर्फबारी और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद, BRO की टीमों ने दिन-रात अभियान चलाकर महज 72 घंटों के भीतर इस महत्वपूर्ण राजमार्ग से बर्फ हटाकर संपर्क सुचारु कर दिया है.
बीआरओ ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को ‘प्रोजेक्ट संपर्क’ के तहत पूरा किया. 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC) ने अंजाम दिया. यह मार्ग कोई सामान्य सड़क नहीं है; यह 8,759 फीट की ऊंचाई वाले बेहद दुर्गम और ऊंचे क्षेत्रों से होकर गुजरती है. यह सड़क केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के डोडा-किश्तवाड़ बेल्ट को हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र से जोड़ने वाली एकमात्र अहम अंतरराज्यीय कड़ी है.
बर्फ की पहाड़ पर कमाल करते हुए बीआरओ ने 5 फीट तक जमी सफेद चादर हटाने का काम किया. रक्षा प्रवक्ता ने शनिवार को जानकारी दी कि इस मार्ग को खोलने का काम किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी के कारण मार्ग पर लगभग 4 से 5 फीट तक बर्फ जमा हो गई थी, जिसने पूरे एक्सिस को ठप कर दिया था.
जब बहाली का काम चल ही रहा था, तभी दोबारा हुई बर्फबारी ने 2.5 फीट की नई परत बिछा दी, जिससे काम और भी मुश्किल हो गया. इन तमाम बाधाओं के बावजूद BRO के जांबाजों ने आधुनिक मशीनों और अटूट साहस के दम पर रिकॉर्ड समय में सड़क को साफ कर दिया.
किश्तवाड़-संसारी सड़क का खुलना इस क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसे क्षेत्र की ‘जीवनरेखा’ (Lifeline) माना जाता है क्योंकि इसकी आर्थिक महत्व काफी अधिक है. यह सड़क दोनों राज्यों के बीच आवश्यक वस्तुओं, कृषि उत्पादों और अन्य व्यापारिक सामानों के परिवहन को संभव बनाती है.
सिर्फ किश्तवाड़ ही नहीं, BRO की टीमें जम्मू को श्रीनगर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगल रोड पर भी मोर्चे पर डटी हुई हैं. वहां कई हिस्से ऐसे हैं जो 8 से 10 फीट गहरी बर्फ के नीचे दबे हुए हैं. अधिकारी और कर्मचारी वहां भी शून्य से नीचे के तापमान में बिना थके काम कर रहे हैं ताकि घाटी का संपर्क बना रहे.
बीआरओ ने बताया, ‘यह सड़क आर्थिक रूप से बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे दोनों इलाकों के बीच ज़रूरी चीजों, खेती के सामान और दूसरी चीजों का ट्रांसपोर्ट होता है. इसका इंसानी महत्व भी है, क्योंकि इससे दूर-दराज के ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को हेल्थकेयर, शिक्षा और इमरजेंसी सर्विस मिल पाती हैं.’ इस बीच, अधिकारियों ने कहा कि लोग और मशीनें ज़रूरी सड़कों को ठीक करने के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं, जो 8 से 10 फीट बर्फ के नीचे दबी हुई हैं.
जम्मू में मौजूद डिफेंस स्पोक्सपर्सन ने शनिवार को कहा, ‘बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) ने रिकॉर्ड समय में किश्तवाड़-संसारी रोड पर कनेक्टिविटी ठीक कर दी है. यह मरम्मत का काम प्रोजेक्ट संपर्क के तहत 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC) ने किया.’ उन्होंने आगे कहा कि इस रास्ते में 8,759 फीट की ऊंचाई वाले हिस्से शामिल हैं और यह दो उत्तरी इलाकों के बीच एक ज़रूरी इंटरस्टेट लिंक का काम करता है.
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