
ऑस्ट्रेलिया में गूगल सर्च नियम बदलेंगे; बच्चों को अब नहीं दिखेगा एडल्ट कंटेंट
ऑस्ट्रेलिया ने बच्चों को ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट से बचाने के लिए नए ई-सेफ्टी नियम लागू करने का फैसला किया है। 27 दिसंबर से लागू होने वाले नियमों के तहत सर्च इंजनों, खासतौर पर गूगल और बिंग, को बच्चों के लिए अश्लील और हिंसक कंटेंट को फिल्टर करना होगा।इंटरनेट पर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने एक और बड़ा कदम उठाया गया है। 27 दिसंबर से लागू होने वाले नए ऑनलाइन सेफ्टी कोड (ई सेफ्टी रूल्स) के तहत, अब सर्च इंजनों को कुछ खास मामलों में अश्लील और हिंसक तस्वीरों को धुंधला करना होगा। इन नए नियमों का उद्देश्य इंटरनेट पर मौजूद हानिकारक सामग्री से बच्चों को बचाना है। आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए के लिए सोशल मीडिया भी बैन किया था। साथ ही सरकार ने चेतावनी भी दी थी कि अगर कंपनियां सरकार के आदेश का पालन नहीं करती हैं तो उन पर 49.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा।ऑस्ट्रेलिया की ऑनलाइन सुरक्षा संस्था ई सेफ्टी ने 2022 में एक सर्वे किया था। इसमें पाया गया कि 16 से 18 साल के युवाओं में से हर तीन में से एक ने माना कि जब उन्होंने पहली बार अश्लील सामग्री देखी थी, तब उनकी उम्र 13 साल से भी कम थी। अक्सर यह कंटेंट जानबूझकर नहीं, बल्कि गलती से सर्च इंजन के जरिए सामने आ जाता है, जिसे युवाओं ने ‘डिस्टर्बिंग’ बताया। ई सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने कहा कि सर्च इंजन हानिकारक कंटेंट तक पहुंचने का ‘मुख्य द्वार’ हैं, इसलिए यहां लगाम लगाना जरूरी है। अगर टेक कंपनियां (जैसे गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट) इन नियमों का उल्लंघन करती हैं। तो उन पर 49.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

