
महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं पर हाईलेवल कमेटी, पेपर से रिजल्ट तक होगी समीक्षा
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी भर्तियों के लिए होने वाली परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने भर्ती परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा आयोजित होने, मूल्यांकन और परिणाम घोषित होने तक पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी।
समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा करेंगी। इसमें पुलिस, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी तथा विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।
पेपर लीक और नकल पर रहेगा फोकस
सरकार की इस पहल में प्रश्नपत्र लीक, फर्जी अभ्यर्थियों, आपसी मिलीभगत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के गलत इस्तेमाल जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समिति मौजूदा व्यवस्था की कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने के लिए सुझाव देगी।
इसके साथ ही प्रश्नपत्र की तैयारी, प्रिंटिंग, सुरक्षित परिवहन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया को भी ज्यादा सुरक्षित और जवाबदेह बनाने पर जोर रहेगा।
छात्रों और शिक्षण संस्थानों से भी लिए जाएंगे सुझाव
सरकार की योजना के मुताबिक समिति राज्य के अलग-अलग राजस्व संभागों में जाकर छात्रों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करेगी। इनसे मिले सुझावों के आधार पर भर्ती परीक्षाओं के लिए व्यापक नीति तैयार की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के लिए 25 हजार सुरक्षित क्लासरूम तैयार करने की योजना पर भी जोर दिया है। साथ ही जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ने से अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत होगा और पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकेगी। अब समिति की रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों के आधार पर महाराष्ट्र की भर्ती परीक्षा व्यवस्था में आगे बदलाव किए जाएंगे।

