मुंबई में दही हांडी की धूम, सड़कों पर उतरे हजारों गोविंदा; पुलिस अलर्ट
मुंबई और आसपास के इलाकों में शनिवार को दही हांडी उत्सव की धूम देखने को मिली। लालबाग, दादर, परेल, वर्ली, भांडुप, मुलुंड और अंधेरी समेत कई इलाकों में हजारों गोविंदा पथक सड़कों पर उतरे। ढोल-ताशों की गूंज और भगवान कृष्ण के जयकारों के बीच गोविंदाओं ने मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी दही हांडी फोड़ने का प्रयास किया।
सुबह से ही रंग-बिरंगी पोशाकों में गोविंदा टोलियां ट्रकों और अन्य वाहनों से अलग-अलग आयोजन स्थलों की ओर जाती नजर आईं। मुंबई के साथ-साथ ठाणे और नवी मुंबई में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई जगह आयोजकों ने गोविंदा पथकों के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसके चलते प्रतियोगिता का रोमांच और बढ़ गया।
सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट
बड़ी भीड़ को देखते हुए मुंबई पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। वहीं, भीड़ और आयोजनों के कारण कई प्रमुख क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया। प्रशासन की ओर से लोगों से व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई।
दही हांडी के दौरान चोट लगने की आशंका को देखते हुए बीएमसी ने अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा। 16 उपनगरीय अस्पतालों समेत प्रमुख सरकारी अस्पतालों में 100 से अधिक बेड तैयार रखे गए और मेडिकल स्टाफ को तीन शिफ्ट में तैनात किया गया।
हादसे के बाद सुरक्षा पर भी सवाल
उत्सव के बीच मुंबई के मालाड-मालवणी इलाके में एक दुखद हादसा भी सामने आया, जिसमें 7 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा कई गोविंदाओं के घायल होने की खबर है। इस घटना ने दही हांडी आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
दही हांडी मुंबई की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है और हर साल हजारों लोग इसमें हिस्सा लेते हैं। इस बार भी शहर में उत्साह और उमंग का माहौल रहा, लेकिन हादसे ने यह भी याद दिलाया कि ऐसे आयोजनों में सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देना जरूरी है।

