
13 साल तक इंतजार और फिर तन्वी की मौत, AIIMS ने बताया क्यों मना की थी सर्जरी
नई दिल्ली। राजस्थान के कोटा की रहने वाली तन्वी की दिल्ली स्थित AIIMS में मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तन्वी जन्म से ही दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी और परिवार के मुताबिक करीब 13 साल तक उसकी सर्जरी का इंतजार किया गया। 1 सितंबर 2026 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
2012 में पहली बार AIIMS पहुंची थी तन्वी
AIIMS के अनुसार, तन्वी को 10 अक्टूबर 2012 को पहली बार कार्डियोलॉजी OPD में दिखाया गया था। जांच में उसके दिल में छेद यानी VSD (Ventricular Septal Defect) और पल्मोनरी एट्रेसिया की समस्या सामने आई। पल्मोनरी एट्रेसिया में हृदय से फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली सामान्य संरचना गंभीर रूप से प्रभावित होती है।
इसके बाद 2013 में सर्जरी की संभावना का आकलन करने के लिए कई जटिल जांचें की गईं। इनमें CT एंजियोग्राफी, कन्वेंशनल एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथेटराइजेशन जैसी जांच शामिल थीं।
आखिर AIIMS ने सर्जरी से क्यों किया इनकार?
AIIMS की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि तन्वी के दिल और फेफड़ों से जुड़ी रक्त वाहिकाओं की बनावट बेहद जटिल थी। रिपोर्टों के अनुसार, 2017-18 के आसपास विशेषज्ञों ने आकलन किया कि सर्जरी करना सुरक्षित नहीं होगा और इससे गंभीर जोखिम हो सकता है। इसी वजह से सर्जरी के बजाय दवाओं और नियमित मेडिकल मैनेजमेंट की सलाह दी गई।
यानी AIIMS का पक्ष यह है कि सर्जरी केवल इंतजार या प्रशासनिक देरी की वजह से नहीं रोकी गई, बल्कि मरीज की जटिल शारीरिक स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन को जोखिमपूर्ण माना गया था।
परिवार का आरोप क्या है?
वहीं, तन्वी के पिता मुकेश परियानी ने इलाज में देरी का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि वे वर्षों तक बेटी के इलाज के लिए कोटा से दिल्ली आते रहे और सर्जरी की उम्मीद बनी रही। परिवार के मुताबिक, कई बार तारीख तय होने के बावजूद ऑपरेशन नहीं हो सका।
परिवार का दावा है कि अगर समय रहते सर्जरी हो जाती तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, यह अभी परिवार का आरोप है और इसकी स्वतंत्र जांच पूरी होना बाकी है।
मौत से पहले फिर AIIMS में भर्ती हुई तन्वी
24 अगस्त 2026 को तन्वी को दोबारा AIIMS में भर्ती कराया गया। इस बार डॉक्टर उसकी स्थिति को देखते हुए हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट की संभावना का आकलन कर रहे थे। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ी और 1 सितंबर को उसकी मौत हो गई।
AIIMS ने बनाई हाई लेवल कमेटी
मामला सामने आने के बाद AIIMS प्रशासन ने तन्वी की मौत की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है। अस्पताल ने कहा है कि मामले की जांच तथ्यों और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि इलाज के दौरान कहीं कोई चूक हुई थी या तन्वी की जटिल बीमारी के कारण सर्जरी वास्तव में संभव नहीं थी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
तन्वी की मौत ने एक तरफ गंभीर जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों के इलाज की चुनौती को सामने रखा है, वहीं दूसरी तरफ परिवार के आरोपों के कारण AIIMS में इलाज की प्रक्रिया और निर्णयों पर भी सवाल उठे हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में AIIMS का कहना है कि बीमारी की जटिल संरचना के कारण सर्जरी को सुरक्षित नहीं माना गया था, जबकि परिवार इलाज में देरी को लेकर सवाल उठा रहा है। अंतिम निष्कर्ष जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

