आजमगढ़ की सुहेलदेव यूनिवर्सिटी पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, युवाओं को दी यह खास सलाह

आजमगढ़ की सुहेलदेव यूनिवर्सिटी पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, युवाओं को दी यह खास सलाह

आजमगढ़ में आज वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से जुड़े शैक्षणिक कार्यक्रमों के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दौरे को लेकर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला। राज्यपाल ने युवाओं से शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। पढ़ाई का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल के जरिए समाज के लिए उपयोगी बनना भी होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने और लगातार नई चीजें सीखते रहने की सलाह दी।

राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि वे अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें और कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास जारी रखें। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करना जरूरी है।

शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को समझें और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएं।

राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच के साथ ही युवा अपने जीवन के लक्ष्यों को बेहतर तरीके से हासिल कर सकते हैं।

आत्मनिर्भर बनने की दी सीख

राज्यपाल ने युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनने की दिशा में भी सोचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और नई तकनीकों की जानकारी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को समझें और शिक्षा के माध्यम से उनके समाधान में योगदान दें। गांवों और छोटे शहरों से आने वाले युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर तलाशना भी महत्वपूर्ण है।

विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल पर जोर

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास और भविष्य निर्माण का केंद्र बनें।

राज्यपाल के दौरे के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

राज्यपाल के संदेश का मुख्य फोकस यही रहा कि युवा शिक्षा को अपनी ताकत बनाएं, कौशल विकसित करें, अनुशासन बनाए रखें और समाज व देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

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