
‘स्किल होना अलग बात है लेकिन उसमें…’ वैभव सूर्यवंशी को लेकर शिखर धवन की बड़ी भविष्यवाणी
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का नाम लगातार चर्चा में है। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने वाले वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। अब पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने इस युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ करते हुए उसके भविष्य को लेकर बड़ी बात कही है।
शिखर धवन ने कहा कि वैभव में सिर्फ बल्लेबाजी की स्किल ही नहीं है, बल्कि कम उम्र में बड़े मंच पर बेखौफ होकर प्रदर्शन करने का जज्बा भी है। धवन के मुताबिक यही चीज वैभव को बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट बड़ी उपलब्धि
धवन ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा कि 15-16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने वैभव की चौके-छक्के लगाने की क्षमता की भी तारीफ की और कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का आत्मविश्वास खास बात है।
धवन ने खास तौर पर वैभव के जज्बे और साहस को रेखांकित किया। उनका कहना था कि स्किल होना एक अलग बात है, लेकिन उस स्किल को इतने बड़े मंच पर इस्तेमाल करने के लिए जिगरा होना भी जरूरी है। धवन के मुताबिक वैभव में यह खासियत कम उम्र में ही दिखाई दे रही है।
भविष्य को लेकर धवन को पूरा भरोसा
शिखर धवन ने वैभव के भविष्य को लेकर भी सकारात्मक राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि वैभव का वर्तमान अच्छा है और उन्हें पूरा भरोसा है कि उसका भविष्य भी शानदार होगा।
धवन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने दो अर्धशतकीय पारियां खेलकर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। इससे पहले भी वह घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण सुर्खियां बटोर चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी दिखा आक्रामक अंदाज
वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में महज 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रचा था। 15 साल और 118 दिन की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे।
इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वैभव बड़े मंच पर दबाव से घबराने के बजाय आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हैं।
कम उम्र, लेकिन बड़ा आत्मविश्वास
वैभव की सबसे खास बात उनकी उम्र के मुकाबले दिखाई देने वाला आत्मविश्वास है। क्रिकेट के सबसे बड़े स्तर पर अनुभवी गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं होता, लेकिन वैभव ने अपनी बल्लेबाजी से कई मौकों पर दिखाया है कि वह चुनौती से पीछे हटने वाले खिलाड़ी नहीं हैं।
हालांकि, क्रिकेट में शुरुआती सफलता के बाद निरंतरता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में वैभव के लिए आने वाले वर्षों में फिटनेस, तकनीक, मानसिक मजबूती और लगातार प्रदर्शन पर ध्यान देना अहम रहेगा।
धवन की बात ने बढ़ाई उम्मीदें
शिखर धवन खुद भारतीय क्रिकेट के सफल सलामी बल्लेबाजों में रहे हैं और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को समझने का उन्हें लंबा अनुभव है। ऐसे में वैभव को लेकर उनका सकारात्मक आकलन युवा बल्लेबाज के लिए बड़ी तारीफ माना जा रहा है।
फिलहाल वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा नामों में शामिल हो चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहुंच और बड़े मंच पर बेखौफ अंदाज ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि आने वाले वर्षों में वह अपने शुरुआती प्रदर्शन को कितनी निरंतरता के साथ आगे बढ़ा पाते हैं।

