
हरदोई: पुलिस की चेतावनी हुई नजरअंदाज, गंगा की तेज धारा में समाए दो युवक; एक को गोताखोरों ने बचाया, SDRF का युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी
हरदोई: पुलिस की चेतावनी हुई नजरअंदाज, गंगा की तेज धारा में समाए दो युवक; एक को गोताखोरों ने बचाया, SDRF का युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी
हरदोई-थाना अरवल क्षेत्र स्थित कुसुमखोर गंगा घाट पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस और स्थानीय लोगों की बार-बार चेतावनी के बावजूद तीन युवक चिन्हित सुरक्षित घाट को छोड़कर गंगा की मुख्य धारा में नहाने चले गए। कुछ ही देर में तेज बहाव ने दो युवकों को अपनी आगोश में ले लिया, जबकि तीसरे युवक को स्थानीय गोताखोरों ने जान जोखिम में डालकर सकुशल बाहर निकाल लिया।
पुलिस के अनुसार 03 अगस्त 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे ग्राम चौसार, थाना अरवल निवासी नारद पुत्र गोविंदराम, ऋषि पुत्र छादामे (उम्र लगभग 15 वर्ष) और शिवम पुत्र सुनील (उम्र लगभग 21 वर्ष) कुसुमखोर गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। घाट पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें सुरक्षित चिन्हित स्थान पर ही स्नान करने की सलाह दी, लेकिन तीनों ने चेतावनी को अनसुना कर गंगा की मुख्य धारा का रुख कर लिया।
मुख्य धारा में उतरते ही तेज बहाव ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल साहसिक प्रयास करते हुए शिवम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन नारद और ऋषि देखते ही देखते गहरे पानी में लापता हो गए। घटना के बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई और परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना अरवल पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ टीम, स्थानीय गोताखोरों और पुलिस द्वारा युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। गंगा की तेज धारा में लगातार दोनों युवकों की तलाश की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था।
घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में गंगा का जलस्तर और बहाव अत्यधिक तेज है, इसलिए किसी भी स्थिति में चिन्हित सुरक्षित घाट के अलावा अन्य स्थानों पर स्नान न करें तथा पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
लापरवाही बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यदि पुलिस और स्थानीय लोगों की चेतावनी का पालन किया गया होता और सुरक्षित घाट पर ही स्नान किया जाता, तो संभवतः यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं और परिजन दोनों युवकों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं

