
रायबरेली की महिला से दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज करने का कोर्ट का आदेश, गोसाईगंज पुलिस को निष्पक्ष जांच के निर्देश
सुल्तानपुर की अदालत ने रायबरेली की एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में बड़ा आदेश जारी किया है। एसीजेएम मयूरेश श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी अमरनाथ प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए गोसाईगंज थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पुलिस शीघ्र एफआईआर दर्ज करे और तीन दिन के भीतर उसकी प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करे। अदालत का यह आदेश उस याचिका पर आया है, जिसमें पीड़िता ने आरोप लगाया था कि पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उसे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
पीड़िता, जो रायबरेली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली 38 वर्षीय महिला है, ने अपनी अर्जी में बताया कि वह सुल्तानपुर में स्मार्ट वैल्यू कंपनी से जुड़ी हुई है और जयसिंहपुर क्षेत्र में नया सेंटर खोलना चाहती थी। इसी सिलसिले में उसकी पहचान जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के लबदेहा-बरौंसा निवासी अमरनाथ प्रजापति से हुई थी। महिला के अनुसार, आरोपी ने सेंटर के लिए उपयुक्त कमरा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया और 14 मार्च को उसे कमरा दिखाने के बहाने बुलाया। कमरा देखने के बाद जब शाम होने लगी तो महिला ने आरोपी से ऊघरपुर चौराहे तक छोड़ने का अनुरोध किया। आरोप है कि रास्ते में गोसाईगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के पास सुनसान स्थान देखकर आरोपी की नीयत बदल गई और उसने महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी कथित तौर पर महिला को झाड़ियों में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद उसने स्थानीय थाना, पुलिस अधीक्षक समेत संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। न्याय न मिलने पर उसने अदालत का रुख किया, जहां प्रस्तुत तथ्यों और प्रार्थना पत्र पर विचार करने के बाद एसीजेएम मयूरेश श्रीवास्तव की अदालत ने मामले का संज्ञान लिया। अदालत ने गोसाईगंज पुलिस को आरोपी अमरनाथ प्रजापति के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच करने का आदेश दिया है। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया गया है कि तीन दिनों के भीतर एफआईआर की प्रति न्यायालय में प्रस्तुत कर कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। अब इस मामले में पुलिस जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

