
मराठी रंगमंच की महान हस्ती विजया मेहता का निधन, 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
मराठी रंगमंच और भारतीय समानांतर सिनेमा की दिग्गज निर्देशिका, अभिनेत्री और रंगकर्मी विजया मेहता का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार रात अपने मुंबई स्थित आवास पर उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय रंगमंच और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। दशकों तक थिएटर की दुनिया में अपने प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण और अनुशासित कार्यशैली के लिए पहचान बनाने वाली विजया मेहता को आधुनिक मराठी थिएटर की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिना जाता था।
विजया मेहता ने मराठी प्रयोगधर्मी रंगमंच को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल एक सफल अभिनेत्री के रूप में पहचान बनाई, बल्कि निर्देशक और निर्माता के तौर पर भी भारतीय थिएटर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वह प्रसिद्ध थिएटर समूह रंगायन की संस्थापक सदस्यों में शामिल थीं और उन्होंने कई यादगार नाटकों का निर्देशन किया। फिल्मों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने ‘पार्टी’, ‘राव साहेब’ और ‘पेस्टनजी’ जैसी चर्चित फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निर्देशन और अभिनय को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
विजया मेहता के निधन पर फिल्म और थिएटर जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। अभिनेता Anupam Kher ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कभी अपनी आवाज ऊंची नहीं की, बल्कि अपने काम और अनुशासन से कलाकारों के स्तर को ऊंचा उठाया। अभिनेत्री Bharati Achrekar ने भी उन्हें अपना गुरु बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके द्वारा दिए गए जीवन और अभिनय के सबक हमेशा याद रहेंगे। विजया मेहता का जाना भारतीय रंगमंच के एक स्वर्णिम युग का अंत माना जा रहा है, लेकिन उनकी कला, विचार और प्रशिक्षण की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

