
नैरेटिव फॉलोवर नहीं, नैरेटिव सेटर बनेगी BJP, सोशल मीडिया पर बड़ी तैयारी
बीजेपी अब सोशल मीडिया की लड़ाई में सिर्फ विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने वाली पार्टी नहीं रहना चाहती, बल्कि खुद एजेंडा और नैरेटिव सेट करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की डिजिटल टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। इसका मकसद सरकार और संगठन से जुड़े मुद्दों को तेजी से जनता तक पहुंचाना और किसी भी राजनीतिक या विपक्षी दावे पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय अपने पक्ष की कहानी पहले से सामने रखना है।
बीजेपी की रणनीति में सोशल मीडिया को महज प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि राजनीतिक संवाद के एक बड़े प्लेटफॉर्म के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और डिजिटल टीमों को इस दिशा में ज्यादा सक्रिय करने की तैयारी है। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए अलग रणनीति बनाकर छोटे वीडियो, ग्राफिक्स, आंकड़ों और मुद्दा आधारित पोस्ट के जरिए पार्टी का संदेश ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
पार्टी की कोशिश यह भी है कि सोशल मीडिया पर किसी मुद्दे के वायरल होने के बाद प्रतिक्रिया देने की बजाय उससे पहले ही तथ्यों और अपने राजनीतिक पक्ष को लोगों तक पहुंचाया जाए। बीजेपी के लिए यह रणनीति खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा कुछ ही घंटों में तेजी से बदल जाता है। ऐसे में जो पक्ष पहले अपनी बात प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचा देता है, वह अक्सर बहस की दिशा तय करने में बढ़त हासिल कर लेता है।
आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी की यह डिजिटल तैयारी और भी अहम मानी जा रही है। पार्टी सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और संगठन की गतिविधियों को डिजिटल माध्यमों से ज्यादा आक्रामक तरीके से पेश करने के साथ-साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए भी सोशल मीडिया नेटवर्क को मजबूत कर सकती है।
बीजेपी की रणनीति का सबसे बड़ा संदेश यही है कि पार्टी अब सोशल मीडिया पर केवल ‘नैरेटिव फॉलोवर’ की भूमिका में नहीं रहना चाहती। उसकी कोशिश ‘नैरेटिव सेटर’ बनने की है, यानी राजनीतिक बहस में यह तय करना कि चर्चा किन मुद्दों पर हो और जनता तक कौन-सा संदेश सबसे पहले पहुंचे। अगर यह रणनीति जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले चुनावों में सोशल मीडिया राजनीतिक प्रचार का और भी बड़ा मैदान बन सकता है।

