
नंदीग्राम और रेजिनगर से BJP ने किया उम्मीदवारों का ऐलान, हसीरानी रथ और शाश्वर सरकार पर जताया भरोसा
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। बीजेपी ने नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजिनगर से शाश्वर सरकार को मैदान में उतारा है। दोनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव को पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी अहम माना जा रहा है।
नंदीग्राम से हसीरानी रथ को टिकट
नंदीग्राम सीट से बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। हसीरानी रथ, बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के कुछ समय बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बीजेपी के इस फैसले को राजनीतिक और भावनात्मक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी एक तरफ जहां चंद्रनाथ रथ की हत्या के मुद्दे को चुनावी बहस में प्रमुखता दे सकती है, वहीं दूसरी ओर हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाकर स्थानीय स्तर पर सहानुभूति का माहौल बनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है।
नंदीग्राम पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति का बेहद हाई-प्रोफाइल क्षेत्र रहा है। शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच नंदीग्राम की राजनीतिक लड़ाई ने इस सीट को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था। ऐसे में उपचुनाव में बीजेपी का उम्मीदवार उतारना और खास तौर पर हसीरानी रथ को टिकट देना चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है।
रेजिनगर से शाश्वर सरकार पर दांव
बीजेपी ने रेजिनगर विधानसभा सीट से शाश्वर सरकार को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के इस फैसले के बाद रेजिनगर में भी चुनावी मुकाबला तेज होने की संभावना है। इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी और वाम दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। बीजेपी के सामने इस सीट पर अपने संगठन और वोट बैंक को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।
रेजिनगर में वाम मोर्चे ने भी अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, CPI(M) ने यहां वकील सैयद असद अली को मैदान में उतारा है। वहीं नंदीग्राम से CPI ने शांतिगोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। इससे दोनों सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय होने के संकेत मिल रहे हैं।
6 अक्टूबर को होगा उपचुनाव
नंदीग्राम और रेजिनगर समेत पश्चिम बंगाल की खाली हुई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग पहले ही घोषित कर चुका है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना और परिणाम 9 अक्टूबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के दूसरी सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई थी।
बीजेपी के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद अब सभी राजनीतिक दलों का फोकस चुनाव प्रचार पर होगा। नंदीग्राम में हसीरानी रथ की उम्मीदवारी के जरिए बीजेपी भावनात्मक और राजनीतिक दोनों मुद्दों को आगे बढ़ा सकती है, जबकि रेजिनगर में शाश्वर सरकार के सामने पार्टी के जनाधार को मजबूत करने की चुनौती होगी।
क्या बदलेगा बंगाल का राजनीतिक समीकरण?
इन दोनों सीटों के उपचुनाव को सिर्फ दो विधानसभा सीटों की लड़ाई के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार जारी राजनीतिक मुकाबले के बीच नंदीग्राम और रेजिनगर के नतीजे आने वाले समय के राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
खास तौर पर नंदीग्राम में बीजेपी ने जिस तरह हसीरानी रथ पर भरोसा जताया है, उससे चुनाव में चंद्रनाथ रथ की हत्या, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बीजेपी के इस दांव का जवाब अपने उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों के जरिए देने की कोशिश करेंगे।
अब निगाहें 6 अक्टूबर के मतदान पर टिकी हैं। नंदीग्राम में हसीरानी रथ क्या बीजेपी के लिए सहानुभूति और संगठनात्मक ताकत को वोट में बदल पाएंगी और रेजिनगर में शाश्वर सरकार पार्टी के लिए क्या प्रदर्शन करते हैं—इन दोनों सवालों का जवाब चुनाव परिणाम आने के बाद ही मिलेगा।

