कारगिल विजय दिवस: शूरवीरों का आभार जताने के लिए 3 दिवसीय कार्यक्रम, राजनाथ सिंह करेंगे शिरकत https://loktantralivetv.in/कारगिल-विजय-दिवस-शूरवीरो/

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मुंबई: फिल्म ‘आदिपुरुष’ के रिलीज होने के बाद विवादों में घिरे गीतकार और संवाद लेखक मनोज मुंतशिर ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्म के कुछ संवादों को लेकर हुई आलोचना पूरी तरह जायज थी और आज उन्हें अपने लिखे कुछ डायलॉग्स पर शर्म महसूस होती है। मुंतशिर ने कहा कि यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी, जिससे उन्होंने बहुत बड़ा सबक सीखा है।

एक हालिया बातचीत में मनोज मुंतशिर ने कहा, “आदिपुरुष मेरे करियर का सबसे कठिन अनुभव रहा। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि कुछ संवाद कभी लिखे ही नहीं जाने चाहिए थे। मुझे उन डायलॉग्स पर शर्म आती है और मैं लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए दिल से माफी मांग चुका हूं।”

उन्होंने कहा कि रामायण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और ऐसे विषय पर काम करते समय शब्दों का चयन बेहद जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, फिल्म को लेकर लोगों का गुस्सा यह दिखाता है कि भारतीय समाज अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को लेकर कितना संवेदनशील है।

मनोज मुंतशिर ने आगे कहा कि आलोचना से भागने के बजाय उन्होंने उसे स्वीकार किया। उनका मानना है कि हर कलाकार से गलती हो सकती है, लेकिन अपनी गलती मानना और उससे सीखना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वे किसी भी धार्मिक या ऐतिहासिक विषय पर काम करते समय अधिक सावधानी और शोध के साथ आगे बढ़ेंगे।

गौरतलब है कि ‘आदिपुरुष’ वर्ष 2023 में रिलीज हुई थी। फिल्म के कई संवादों और प्रस्तुति को लेकर देशभर में विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना के बाद फिल्म के कुछ संवादों में बदलाव भी किए गए थे। अब मनोज मुंतशिर के इस बयान ने एक बार फिर उस विवाद को चर्चा में ला दिया है और सोशल मीडिया पर लोग उनकी प्रतिक्रिया पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं।

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