
करीना कपूर को आज तक है अफसोस, 12वीं तक भी नहीं पढ़ पाईं एक्ट्रेस
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर ने अपनी पढ़ाई को लेकर एक ऐसी बात साझा की है, जिसका उन्हें आज भी अफसोस है। दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सफल करियर बनाने वाली करीना ने बताया कि उन्होंने 11वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और फिल्मों में करियर बनाने का फैसला किया था। अब वह मानती हैं कि शिक्षा पूरी नहीं कर पाना उनके जीवन की उन बातों में शामिल है, जिसका उन्हें पछतावा रहता है।
11वीं के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई
करीना ने पॉडकास्टर हनुमान दास के साथ बातचीत में अपने पुराने फैसले को याद किया। उन्होंने बताया कि फिल्मों में आने की चाहत के चलते उन्होंने 11वीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई नहीं की। उस समय उनका पूरा ध्यान अभिनेत्री के रूप में खुद को साबित करने और अपने सपने को पूरा करने पर था।
करीना के मुताबिक, उस समय उनके पास पढ़ाई जारी रखने का मौका था, लेकिन उन्होंने अभिनय को प्राथमिकता दी। उनका मानना था कि उन्हें अपने दिल की सुननी है और फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनानी है।
सफलता मिली, लेकिन अधूरी पढ़ाई का मलाल
करीना कपूर ने फिल्मों में शानदार सफलता हासिल की और हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई। हालांकि, उनका कहना है कि शिक्षा अधूरी छोड़ने का फैसला आज भी उनके मन में रहता है।
उन्होंने माना कि लोग उनके इस फैसले का मजाक भी बना सकते हैं, लेकिन उस समय उनके लिए अभिनेता के तौर पर खुद को साबित करना सबसे महत्वपूर्ण था।
अब बेटों की पढ़ाई को लेकर सख्त हैं करीना
अपने अनुभव से सीख लेते हुए करीना अब अपने बेटों तैमूर और जेह की शिक्षा को लेकर काफी गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि वह चाहती हैं कि उनके बच्चे पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें और उसके बाद अपने पसंद के करियर को चुनें।
करीना ने कहा कि शिक्षा पूरी नहीं कर पाने का जो अफसोस उन्हें है, उसी वजह से वह अपने बच्चों को पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
लड़कियों की शिक्षा से भी जुड़ी हैं करीना
करीना का शिक्षा से जुड़ाव केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है। वह UNICEF India के साथ भी जुड़ी रही हैं और लड़कियों की शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर काम करती रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, जब उन्हें भारत में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभियान से जुड़ने का मौका मिला, तो उनका अपना अनुभव इस मुद्दे से भावनात्मक रूप से जुड़ गया।
बच्चों के सपनों को भी देंगी पूरा समर्थन
करीना का कहना है कि वह अपने बच्चों को उनकी पसंद का करियर चुनने से नहीं रोकेंगी। अगर तैमूर या जेह भविष्य में खेल, फिल्म या किसी दूसरे क्षेत्र में जाना चाहते हैं, तो वह उनका समर्थन करेंगी। लेकिन उनकी प्राथमिकता यह है कि बच्चे पहले अपनी औपचारिक शिक्षा पूरी करें और उसके बाद अपने सपनों का रास्ता चुनें।
करीना की कहानी इस बात का उदाहरण है कि करियर में सफलता हासिल करने के बाद भी इंसान अपने पुराने फैसलों को अलग नजरिए से देख सकता है। उन्होंने अपने अनुभव को अपने बच्चों की परवरिश और शिक्षा के प्रति सोच से जोड़ते हुए साफ किया है कि उनके लिए शिक्षा अब बेहद महत्वपूर्ण है।

