
असम में अवैध प्रवासियों पर बड़ी कार्रवाई, जानिए पिछले 2 साल में कितने बांग्लादेशी भेजे गए वापस
असम सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, पिछले दो वर्षों में राज्य से 1,600 से अधिक अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजा गया है। सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, अवैध घुसपैठ रोकने और विदेशी नागरिकों की पहचान की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार लंबे समय से सख्त रुख अपनाए हुए है और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया कानून के तहत की जा रही है। सरकार के मुताबिक, वर्षों से विदेशी न्यायाधिकरणों द्वारा चिन्हित लोगों के मामलों पर भी कार्रवाई जारी है। राज्य प्रशासन का दावा है कि सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कई मामलों में नागरिकता और पहचान से जुड़े कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर असम में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस होती रही है। राज्य सरकार का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करना है। दूसरी ओर, ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया, पहचान की पुष्टि और मानवाधिकार संबंधी पहलुओं पर भी चर्चा होती रही है। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा।

