NEET छात्रा मौत केस की CBI जांच की सिफारिश, डिप्‍टी सीएम सम्राट चौधरी बोले- पारदर्शी और न्‍यायपूर्ण इन्‍क्‍वायरी जरूरी

NEET छात्रा मौत केस की CBI जांच की सिफारिश, डिप्‍टी सीएम सम्राट चौधरी बोले- पारदर्शी और न्‍यायपूर्ण इन्‍क्‍वायरी जरूरी

बिहार की राजधानी पटना में NEET छात्रा मौत केस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सीबीआई जांच का आग्रह किया है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि- “बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुए NEET छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या-14/26) की CBI से जांच कराने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि इस जघन्य घटना का उद्भेदन पूरी तरह पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से होना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके.”

बता दें कि NEET छात्रा के साथ कथित रेप और उसके बाद हुई संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है. मामले की जांच फिलहाल SIT, CID और FSL की रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है, लेकिन जांच की दिशा और गति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. CCTV फुटेज, डिजिटल सबूत, हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका और संदिग्ध युवकों की पहचान को लेकर लगातार नई बातें सामने आ रही हैं.
इसी बीच, विपक्ष और सामाजिक संगठनों द्वारा भी इस मामले में CBI जांच की मांग तेज होती जा रही थी. डिप्टी सीएम की ओर से सार्वजनिक रूप से CBI जांच की सिफारिश किए जाने के बाद अब यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है. माना जा रहा है कि यदि केंद्र सरकार CBI जांच को मंजूरी देती है, तो मामले की जांच का दायरा और व्यापक होगा और कई नए खुलासे हो सकते हैं.
नीट छात्रा रेप केस में अब तक क्या-क्या हुआ
पीड़ित छात्रा पटना में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी और एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी. 26 दिसंबर को छात्रा का पूरा परिवार अचानक हॉस्टल पहुंचा और उसे जहानाबाद स्थित घर ले गया. इस दौरान CCTV फुटेज में छात्रा और परिजनों का व्यवहार जांच के दायरे में आया. छात्रा 26 दिसंबर से 5 जनवरी तक घर पर रही. इस दौरान उसकी मानसिक स्थिति, मोबाइल सर्च हिस्ट्री और संपर्कों की जांच की जा रही है. 5 जनवरी को छात्रा पटना लौटी. इसी दिन रात 9:30 बजे से घटनाक्रम को सबसे अहम माना जा रहा है. 5 जनवरी रात 9:30 बजे से 6 जनवरी दोपहर 2 बजे तक हॉस्टल में गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. इस दौरान 17 घंटे का CCTV फुटेज गायब या उपलब्ध न होने का सवाल उठा. 6 जनवरी को छात्रा की हालत गंभीर हुई और बाद में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. पोस्टमार्टम और FSL जांच में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिलने के बाद रेप की आशंका सामने आई. इसके बाद मामला दर्ज हुआ.
SIT, CID और FSL की जांच
मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई. CID ने SIT की जांच पर सवाल उठाते हुए 59 बिंदुओं की विशेष गाइडलाइन जारी की. CID ने आशंका जताई कि छात्रा को हॉस्टल में एंटी-डिप्रेसेंट या सेडेटिव दवाएं दी गईं. कमरे से तीन खाली दवा स्ट्रिप मिलने और केवल एक स्ट्रिप पुलिस को सौंपे जाने से संदेह गहराया. CCTV कैमरे की कमी, वार्डेन की भूमिका, हॉस्टल मालिक और उसके परिजनों की गतिविधियां जांच के दायरे में आईं. FSL रिपोर्ट में स्पर्म की उम्र 18–21 वर्ष के युवक से मेल खाने के बाद 4–5 युवकों को सबसे संदिग्ध माना गया. अब तक 25 लोगों के DNA सैंपल लिए गए हैं. 18–21 वर्ष आयु वर्ग के युवकों के कॉल डिटेल, लोकेशन और टावर डंप खंगाले जा रहे हैं. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मामले की CBI जांच की सिफारिश की. राज्य सरकार की ओर से केंद्र से CBI जांच का आग्रह किया गया. अब केंद्र के फैसले का इंतजार है. यह मामला फिलहाल जांच के अहम मोड़ पर है और कई एंगल से पड़ताल जारी है.
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