
फिटनेस में बिहार-झारखंड ने मारी बाजी! जानें दूसरे किन राज्यों के लोग माने गए सबसे ज्यादा फिट?
देशभर में बढ़ते मोटापे, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी लाइफस्टाइल बीमारियों के बीच राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) की नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार और झारखंड उन राज्यों में शामिल हैं जहां वयस्कों में मोटापे की दर देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम है। इसी आधार पर इन्हें देश के सबसे फिट राज्यों में गिना गया है।
बिहार और झारखंड क्यों बने सबसे फिट राज्यों में शामिल?
रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड में लगभग 16.8% पुरुष और 16.9% महिलाएं मोटापे की श्रेणी में हैं। वहीं बिहार में 19.4% पुरुष और 19.8% महिलाएं मोटापे से प्रभावित हैं। ये आंकड़े राष्ट्रीय औसत से काफी कम हैं, जिससे दोनों राज्यों को बेहतर फिटनेस वाले राज्यों में शामिल किया गया है।
इन राज्यों का प्रदर्शन भी रहा बेहतर
बिहार और झारखंड के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मेघालय में भी वयस्कों में मोटापे की दर 20 प्रतिशत के आसपास या उससे कम दर्ज की गई है। इन राज्यों के लोगों को भी अपेक्षाकृत अधिक फिट माना गया है।
देश में बढ़ रहा है मोटापा
NFHS-6 के अनुसार, वर्ष 2024 में 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग के 27.3% पुरुष और 30.7% महिलाएं मोटापे की श्रेणी में हैं। इससे पहले NFHS-5 में यह आंकड़ा क्रमशः 22.9% और 24% था। यानी कुछ ही वर्षों में मोटापे की दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्या है कम मोटापे की वजह?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक श्रम, पैदल चलने की आदत, पारंपरिक खानपान और अपेक्षाकृत कम प्रोसेस्ड फूड का सेवन कुछ राज्यों में मोटापे की कम दर का कारण हो सकता है। हालांकि फिटनेस केवल मोटापे से नहीं मापी जाती, बल्कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समग्र स्वास्थ्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
कैसे रखें खुद को फिट?
- रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
- संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
- जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- 7–8 घंटे की नींद लें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।
निष्कर्ष
NFHS-6 की रिपोर्ट बताती है कि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मेघालय में मोटापे की दर अपेक्षाकृत कम है, इसलिए इन्हें देश के अधिक फिट राज्यों में शामिल किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी फिटनेस का मतलब सिर्फ कम वजन नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली और बेहतर समग्र स्वास्थ्य भी है।

