
पंचनद संगम पर योग शिविर आयोजित, सैकड़ों लोगों ने सीखे स्वस्थ जीवन के मंत्र
माधौगढ़ (जालौन)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 15 से 21 जून तक आयोजित किए जा रहे योग सप्ताह के अंतर्गत बुंदेलखंड के ऐतिहासिक एवं धार्मिक तीर्थ क्षेत्र पंचनद संगम पर भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के लगभग एक सैकड़ा लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ तहसीलदार भुवनेश कुमार ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन एवं दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का भी माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग शिविर में योग प्रशिक्षक श्रीमती ममता स्वर्णकार एवं योग गुरु रविंद्र जी ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं नियमित योगाभ्यास की विधियों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि योग के माध्यम से तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा एवं अन्य जीवनशैली जनित बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है। योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ मन को एकाग्र और सकारात्मक बनाता है।
कार्यक्रम में प्रभारी खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार गौतम, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वरुण कुमार गुप्त, प्रभारी चिकित्साधिकारी आयुर्वेदिक जगम्मनपुर डॉ. संतोष कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी आयुर्वेदिक बंगरा डॉ. अशोक कुमार, फार्मासिस्ट चंद्रशेखर सोनी, वरिष्ठ सहायक विजय शंकर पांडे, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह अटागांव, योग प्रशिक्षक आकाश याज्ञिक, डॉ. आर.के. मिश्रा, ग्राम प्रधान भिटौरा मनोज कुमार सिंह सेंगर, सचिव राम मोहन तथा महेश सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
शिविर की व्यवस्थाओं एवं पार्किंग संचालन की जिम्मेदारी डॉ. संतोष कुमार और उनकी टीम ने संभाली, जबकि कार्यक्रम संचालन की व्यवस्था डॉ. रश्मि तिवारी, चिकित्साधिकारी हदरुख द्वारा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और रोगमुक्त समाज के निर्माण के लिए नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया गया।

