
बिहार के 56 लाख किसानों को नहीं मिलेगी सम्मान निधि! 85 में से सिर्फ 29 लाख की बनी है आईडी, सस्ता कर्ज भी नहीं मिलेगा
सरकार ने अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत हर साल 6,000 रुपये की राशि पाने के लिए फार्मर आईडी का होना अनिवार्य कर दिया है. बिहार में भी यह आईडी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी हो गई है. अब परेशानी यह है कि बिहार में सिर्फ एक तिहाई किसानों का ही फार्मर आईडी बना है. ऐसे में बाकी दो तिहाई किसान न तो पीएम सम्मान निधि के हकदार होंगे और न ही उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा.
किसानों की आईडी बनाने के लिए जनवरी में 2 बार अभियान चलाया गया. 9 दिन के इस अभियान में सिर्फ 29 लाख किसानों का ही फार्मर आईडी बना, जबकि 85 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया था. ऐसे में शेष 56 लाख किसानों को पीएम सम्मान निधि के तहत मिलने वाली 2 हजार रुपये की अगली किस्त से वंचित रहना पड़ सकता है. हालांकि, सूबे के 65 लाख किसानों ने अपनी ई-केवाईसी करा रखी है लेकिन केंद्र ने साफ कर दिया है कि पीएम सम्मान निधि के लिए सभी किसानों की फार्मर आईडी जरूरी होगी.
बिहार में एग्री स्टैक योजना के तहत कैम्प लगाकर किसानों की फार्मर आईडी बनाई गई और उनका निबंधन किया गया. इसका मकसद सरकार की ओर से चलने वाली कृषि सेवाओं को पारदर्शी, प्रभावी और किसानों के हित में कारगर बनाना है. कैम्प में सूबे के हर किसान की फार्मर आईडी बनाई जा रही, जिसका आधार किसानों की भूमि संबंधी विवरण हैं. इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा. बिहार के सभी 44,500 गांवों में किसानों का निबंधन कर आईडी बनाई गई है.
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह का कहना है कि प्रदेश में जमीन का मालिकाना हक आज भी ज्यादातर पूर्वजों के नाम पर हैं. यही वजह है कि किसानों की संख्या के हिसाब से आईडी कम बन सकी है. हालांकि, आगे भी आईडी बनाने का काम जारी रहेगा और हमारी कोशिश है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों का फार्मर आईडी बनाया जाए. इसके लिए जल्द ही और विशेष अभियान प्रदेश में चलाए जाएंगे.
फार्मर आईडी से क्या फायदा
- पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर तिमाही 2 हजार रुपये की किस्त मिलेगी.
- अन्य सरकारी योजनाओं का भी किसानों को आसानी से लाभ मिलेगा.
- फार्मर आईडी वाले किसानों को आसानी से सस्ता कर्ज भी मिल सकेगा.
- सही समय पर कृषि सब्सिडी, कर्ज और बीमा की भी सुविधा मिलेगी.
- फार्मर आईडी वाले किसानों को स्थानीय और विशिष्ट कृषि सलाह की भी सुविधा मिलेगी.
नहीं होने पर क्या नुकसान
- सबसे बड़ा नुकसान तो किसान सम्मान निधि की राशि न मिलना ही रहेगा.
- सरकारी योजनाओं से भी वंचित रह सकते हैं ऐसे किसान.
- सब्सिडी वाली सस्ती कर्ज योजना का भी लाभ ऐसे किसानों को नहीं मिलेगा.
- कृषि सब्सिडी, कर्ज और बीमा जैसी सुविधाओं के लाभ से वंचित रह जाएंगे.
- कृषि विशेषज्ञों की ओर से खेती से जुड़ी सलाह भी ऐसे किसानों को नहीं मिल सकेगी.
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