
अक्षय कुमार और अजय देवगन से इस मामले में आगे हैं आयुष्मान खुराना, फिल्म ने कमाया था 1325% प्रॉफिट
बॉलीवुड में किसी फिल्म की सफलता सिर्फ उसकी करोड़ों की कमाई से तय नहीं होती। फिल्म ने अपने बजट के मुकाबले कितना कारोबार किया और मेकर्स को कितना फायदा पहुंचाया, यह भी उसकी कामयाबी का बड़ा पैमाना है। इसी मामले में आयुष्मान खुराना का नाम खास तौर पर सामने आता है। अपने करियर में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों में काम किया, जिनका बजट बड़े स्टार्स की फिल्मों की तुलना में कम रहा, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। यही वजह है कि रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट यानी ROI के मामले में आयुष्मान कई बड़े सितारों से आगे नजर आते हैं।
आयुष्मान खुराना ने अपने करियर की शुरुआत 2012 में ‘विक्की डोनर’ से की थी। फिल्म का विषय उस दौर के लिए काफी अलग था और आयुष्मान ने भी एक नए तरह के हीरो की पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने ‘दम लगा के हईशा’, ‘बरेली की बर्फी’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘अंधाधुन’, ‘बधाई हो’, ‘आर्टिकल 15’ और ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों की खासियत रही कि वे अक्सर सीमित बजट में बनीं और कंटेंट मजबूत होने के कारण दर्शकों तक पहुंचीं।
1325% प्रॉफिट का क्या है पूरा गणित?
जिस फिल्म के लिए 1325 प्रतिशत प्रॉफिट का आंकड़ा चर्चा में है, उसकी खासियत यही है कि फिल्म का निर्माण बजट अपेक्षाकृत कम था, जबकि बॉक्स ऑफिस और दूसरे राइट्स से हासिल रकम काफी ज्यादा रही। ऐसे मामलों में फिल्म की लागत और कुल कमाई के बीच का अंतर बहुत बड़ा हो जाता है और इसी आधार पर प्रॉफिट प्रतिशत निकाला जाता है।
हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है कि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और फिल्म का वास्तविक मुनाफा एक ही चीज नहीं होते। टिकट बिक्री से आने वाली पूरी रकम सीधे निर्माता की जेब में नहीं जाती। थिएटर शेयर, डिस्ट्रीब्यूशन, प्रमोशन, प्रोडक्शन कॉस्ट और सैटेलाइट-डिजिटल राइट्स जैसी चीजें भी गणना में शामिल होती हैं। इसलिए 1325% का आंकड़ा किस आधार पर निकाला गया है, यह संबंधित रिपोर्ट के कैलकुलेशन पर निर्भर करता है।
अक्षय और अजय से कैसे अलग है आयुष्मान का मॉडल?
अक्षय कुमार और अजय देवगन जैसे बड़े सितारे बड़े बजट की फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। उनकी फिल्मों की कमाई कई बार सैकड़ों करोड़ रुपये तक पहुंचती है। लेकिन बड़े बजट का मतलब यह भी है कि फिल्म को लागत निकालने के लिए ज्यादा कमाई करनी पड़ती है।
इसके मुकाबले आयुष्मान की शुरुआती और सफल फिल्मों का मॉडल कंटेंट-केंद्रित और अपेक्षाकृत कम बजट वाला रहा। इसी वजह से उनकी फिल्मों के लिए एक छोटी-सी बॉक्स ऑफिस सफलता भी निवेश के मुकाबले बड़ा रिटर्न पैदा कर सकती थी। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स में भी आयुष्मान की फिल्मों को प्री-पैंडेमिक दौर में निर्माताओं और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के लिए लाभदायक बताया गया था।
‘अंधाधुन’ बना था बड़ा उदाहरण
आयुष्मान की फिल्मों में ‘अंधाधुन’ को इस मॉडल का शानदार उदाहरण माना जाता है। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आयुष्मान ने एक ऐसे पियानो प्लेयर की भूमिका निभाई थी, जिसकी जिंदगी एक रहस्यमयी हत्या के बाद पूरी तरह बदल जाती है।
फिल्म ने भारत में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद चीन के बाजार में भी जबरदस्त कमाई की। रिपोर्टों के अनुसार, चीन में फिल्म की कमाई ने भारत की लाइफटाइम कमाई को भी पीछे छोड़ दिया था। फिल्म रिलीज से पहले ही सैटेलाइट राइट्स की बिक्री के कारण निर्माताओं के लिए लाभ की स्थिति में पहुंच गई थी।
सिर्फ कमाई नहीं, कंटेंट भी रहा मजबूत
आयुष्मान खुराना की फिल्मों की एक खास बात यह रही कि उन्होंने पारंपरिक बॉलीवुड हीरो वाली छवि से अलग किरदार चुने। कभी उन्होंने स्पर्म डोनर का किरदार निभाया तो कभी नेत्रहीन पियानो प्लेयर का। ‘बधाई हो’ में अधेड़ उम्र में माता-पिता के बच्चे होने की कहानी थी, जबकि ‘आर्टिकल 15’ सामाजिक भेदभाव जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित थी।
इस रणनीति ने उन्हें एक अलग दर्शक वर्ग दिया। उनकी फिल्मों ने यह भी दिखाया कि स्टार पावर के साथ-साथ कहानी और विषय भी बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को खींच सकते हैं।
बड़े स्टार्स की फिल्मों में बड़ा रिस्क भी
अक्षय कुमार और अजय देवगन जैसे सितारों की फिल्मों में बजट बड़ा होने के कारण कमाई का आंकड़ा भी बड़ा दिखाई देता है। लेकिन निवेश जितना बड़ा होगा, जोखिम भी उतना ही बढ़ेगा। यही वजह है कि फिल्म इंडस्ट्री में किसी स्टार की सफलता को सिर्फ 100 करोड़, 200 करोड़ या 300 करोड़ की कमाई से आंकना पूरी तस्वीर नहीं बताता।
आयुष्मान का मामला इसके उलट दिखाई देता है। अगर कोई फिल्म कम लागत में बनती है और दर्शकों के बीच सफल होती है, तो उसकी कमाई लागत के मुकाबले कई गुना ज्यादा हो सकती है। इसी ROI मॉडल की वजह से आयुष्मान खुराना को बॉलीवुड के सबसे सफल कंटेंट-ड्रिवन एक्टर्स में गिना जाता है।
क्यों खास है 1325% वाला आंकड़ा?
1325 प्रतिशत प्रॉफिट का दावा इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह बताता है कि फिल्म ने अपनी लागत के मुकाबले असाधारण रिटर्न दिया। हालांकि किसी भी फिल्म के मुनाफे का अंतिम आंकड़ा तय करने के लिए प्रोडक्शन बजट, थिएटर शेयर, डिजिटल और सैटेलाइट राइट्स, डिस्ट्रीब्यूशन लागत और मार्केटिंग खर्च जैसी तमाम चीजों को देखना पड़ता है।
इसलिए आयुष्मान की असली ताकत सिर्फ यह नहीं है कि उनकी फिल्म ने कितने करोड़ कमाए, बल्कि यह है कि कम लागत में बनी फिल्मों ने निवेश के मुकाबले कितना बड़ा रिटर्न दिया। यही वह क्षेत्र है जहां वह कई बड़े और महंगे स्टार प्रोजेक्ट्स से अलग नजर आते हैं।
कुल मिलाकर, आयुष्मान खुराना ने बॉलीवुड में एक ऐसा मॉडल स्थापित किया है जिसमें बड़ा बजट और भारी-भरकम स्टार फीस ही सफलता की गारंटी नहीं है। मजबूत कहानी, अलग विषय और नियंत्रित बजट के साथ बनी फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुनाफा दे सकती है। यही वजह है कि 1325% जैसे ROI के आंकड़े सामने आने पर एक बार फिर आयुष्मान की फिल्मों की बिजनेस क्षमता चर्चा में आ जाती है।

