झांसी में पुलिस कस्टडी में पुजारी की मौत, थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

झांसी में पुलिस कस्टडी में पुजारी की मौत, थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के गुरसराय थाने में पुलिस हिरासत के दौरान 62 वर्षीय पुजारी राजेंद्र प्रसाद की मौत के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच के बाद थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें थाना प्रभारी, एक उपनिरीक्षक और दो कांस्टेबल शामिल हैं। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिया गया था

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सिंगार गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ एक 9 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें गुरसराय थाने लाया गया, जहां पुलिस हिरासत के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई।

रिपोर्टों के अनुसार, थाने के शौचालय में राजेंद्र प्रसाद ने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप

पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। परिजनों की ओर से पुलिस कार्रवाई और मुकदमे को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कराई।

प्रारंभिक जांच के आधार पर गुरसराय थाना प्रभारी राजेश कुमार, एक उपनिरीक्षक और दो कांस्टेबलों को निलंबित किया गया है। अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के साथ आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के बेटे विनय द्विवेदी ने आरोप लगाया कि उनके पिता के खिलाफ मामला गलत तरीके से दर्ज कराया गया था। परिवार की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

वहीं, कुछ रिपोर्टों में मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस पूरे पहलू की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

जांच के बाद आगे होगी कार्रवाई

मामले की विवेचना जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हिरासत में व्यक्ति की निगरानी और सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मियों ने निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया था या नहीं।

पुलिस कस्टडी में मौत का मामला होने के कारण पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और पुलिस विभाग की नजर बनी हुई है। चार पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब जांच की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल झांसी के गुरसराय थाने में हुई इस घटना ने पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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