
नॉर्मल डिलीवरी के लिए किस तरह की तैयारी करनी चाहिए? टीवी एक्ट्रेस सुरभि ज्योति ने बताई काम की बात
मुंबई। टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री सुरभि ज्योति ने हाल ही में गर्भावस्था और नॉर्मल डिलीवरी को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) की तैयारी केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी की जानी चाहिए। सुरभि का कहना है कि सही जानकारी, सकारात्मक सोच और डॉक्टर की सलाह का पालन इस सफर को आसान बना सकता है।
सुरभि ज्योति ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, पर्याप्त नींद और हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां मां और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होती हैं। उन्होंने बताया कि योग, प्रेग्नेंसी एक्सरसाइज और ब्रीदिंग तकनीकें भी नॉर्मल डिलीवरी की तैयारी में मददगार साबित हो सकती हैं, लेकिन इन्हें केवल विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि गर्भवती महिलाओं को इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी पर भरोसा करने के बजाय अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से सलाह लेनी चाहिए। हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है, इसलिए किसी और के अनुभव को अपनी स्थिति पर लागू करना सही नहीं होता।
सुरभि के अनुसार, परिवार का सहयोग और तनावमुक्त माहौल भी गर्भावस्था के दौरान बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, मेडिटेशन और अपने मन की बात परिवार या डॉक्टर से साझा करने से मानसिक दबाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है, जैसे—
- नियमित प्रसवपूर्व (Antenatal) जांच कराना।
- संतुलित और पौष्टिक आहार लेना।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार सुरक्षित व्यायाम और वॉक करना।
- पर्याप्त आराम और अच्छी नींद लेना।
- तनाव कम रखने की कोशिश करना।
- प्रसव के संकेतों और अस्पताल की तैयारी पहले से कर लेना।
हालांकि, डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि नॉर्मल डिलीवरी की कोई गारंटी नहीं होती। मां और शिशु की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी चिकित्सीय कारण से सिजेरियन (सी-सेक्शन) आवश्यक हो, तो डॉक्टर उसी के अनुसार निर्णय लेते हैं।
सुरभि ज्योति की यह सलाह सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोगों ने उनके अनुभव को प्रेरणादायक बताया, वहीं विशेषज्ञों ने भी गर्भावस्था के दौरान स्वयं इलाज करने के बजाय नियमित चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी है।

