
लखनऊ: सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लखनऊ में धारा 163 लागू
राजधानी लखनऊ में आगामी धार्मिक त्योहारों, जुलूसों और सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील आयोजनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही, धार्मिक आयोजन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाह, भ्रामक संदेश या उत्तेजक सामग्री प्रसारित कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं।
बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक
जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना सक्षम अनुमति के सार्वजनिक स्थान पर सभा, जुलूस, धरना, प्रदर्शन या अन्य सामूहिक आयोजन नहीं कर सकेगा। धार्मिक आयोजनों के मार्ग या समय में बदलाव भी प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
हथियार लेकर चलना प्रतिबंधित
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लाठी, डंडा, तलवार, त्रिशूल, भाला, चाकू सहित किसी भी प्रकार के घातक या धारदार हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर चलना प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी
पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की भड़काऊ, सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली, अफवाह फैलाने वाली या लोक व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री पोस्ट या साझा करना दंडनीय माना जाएगा।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिए अनुमति जरूरी
धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही किया जा सकेगा। अनुमति मिलने पर भी निर्धारित समय और ध्वनि सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।
आयोजकों की बढ़ी जिम्मेदारी
प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों के आयोजकों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक नियुक्त करने, भीड़ नियंत्रण में सहयोग करने तथा यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
संयुक्त पुलिस आयुक्त के आदेश के अनुसार रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, बाजार, धार्मिक स्थल, पार्क, मॉल और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की भी तैनाती की जा सकती है।
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
सभी थाना प्रभारियों, क्षेत्राधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित विधिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और त्योहारों को शांति, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने में प्रशासन का सहयोग करें। राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।

