सीजेएम कोर्ट ने दोषी को सुनाई अर्थदंड की सजा,हिरासत से आरोपी को भगाने से जुड़ा 30 साल पुराना मामला

सीजेएम कोर्ट ने दोषी को सुनाई अर्थदंड की सजा,हिरासत से आरोपी को भगाने से जुड़ा 30 साल पुराना मामला

*सीजेएम कोर्ट ने दोषी को सुनाई अर्थदंड की सजा*

*हिरासत से आरोपी को भगाने से जुड़ा 30 साल पुराना मामला*
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सुलतानपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने हिरासत से मुल्जिम भगाने समेत अन्य आरोपो से जुड़े 30 साल पुराने मामले में सोमवार को आरोपी की जुर्म स्वीकृति अर्जी पर फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में तत्कालीन सरकारी कर्मचारी हनुमान प्रसाद की वृद्ध अवस्था व अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें दोषी ठहराकर आठ हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अर्थदंड नहीं जमा करने पर सात दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने की शर्त रखी है।
अमेठी जिले के पीपरपुर थाने के हरिचंदपुर-बजेठी (वर्तमान थाना-शिवगढ़) के रहने वाले आरोपी तत्कालीन सरकारी कर्मचारी हनुमान प्रसाद मिश्र के खिलाफ 17 मार्च साल 1995 को वादी ने कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया था। सदर तहसील के तत्कालीन नायब नाजिर जगदीश प्रसाद तिवारी ने आरोपी को हिरासत से भगा देने समेत अन्य आरोप लगाए थे। अदालत में जुर्म स्वीकार करने की अर्जी देकर आरोपी वृद्ध ने न्यूनतम सजा से दण्डित किए जाने की मांग किया था।

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