
‘मेरे बेटे को बहकाया’, 30,000 Cr के लिए सास-बहू में जंग, HC फिर पहुंचीं संजय कपूर की मां, प्रिया पर लगाया आरोप
करिश्मा कपूर के एक्स हस्बैंड और इंडस्ट्रियलिस्ट संजय कपूर के निधन के बाद से परिवार में 30,000 करोड़ संपत्ति को लेकर विवाद सुर्खियों में हैं. पहले करिश्मा कपूर के बच्चों को वसीयत को फर्जी बताया और फिर संजय कपूर की मां रानी कपूर ने संजय कपूर की तीसरी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए. अब संपत्ति पर चल रही कड़वी कानूनी लड़ाई में नया मोड़ आ गया है. संजय की 80 साल मां रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक नई सिविल सूट दाखिल की है, जिसमें उन्होंने बहू प्रिया कपूर सचदेव पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
रानी कपूर ने ‘रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट’ (Rani Kapur Family Trust) की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे ‘फ्रॉडुलेंट’ यानी धोखाधड़ीपूर्ण बताया है और दावा किया है कि यह बहकावे, साजिश और फर्जीवाड़े से बनाया गया था.
‘मेरे बेटे को बहकाया’
अपनी याचिका में रानी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर ने उनके दिवंगत बेटे संजय को ‘फ्रॉड’ करने के लिए मैनिपुलेट किया. ट्रस्ट को उनके नाम पर बनाया गया, लेकिन इसका इस्तेमाल फैमिली एसेट्स के कंट्रोल को गलत तरीके से डायवर्ट करने के लिए किया गया, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति से वंचित कर दिया गया. याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल परिवार की संपत्तियों को गैरकानूनी तरीके से हड़पने के लिए किया गया.
रानी कपूर ने अदालत को बताया कि संजय कपूर की मौत ‘रहस्यमय परिस्थितियों’ में हुई, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की मौत के तुरंत बाद यानी 13 दिनों के शोक काल के दौरान, प्रिया कपूर सचदेव ने जल्दबाजी दिखाते हुए कई अहम फैसले लिए. याचिका के मुताबिक, इन फैसलों का उद्देश्य सोना ग्रुप और उससे जुड़ी संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित करना और रानी कपूर को निर्णय प्रक्रिया से बाहर करना था.
हाईकोर्ट में मांगी यह राहत
रानी कपूर ने हाईकोर्ट से प्रिया कपूर सचदेव और अन्य को विवादित ट्रस्ट के इशारे पर काम करने, उसे चलाने या संचालित करने से रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा देने की मांग की है. उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि विवाद के निपटारे तक ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों के किसी भी तरह के ट्रांसफर या एलियनेशन पर रोक लगाने की मांग की गई है, जब तक विवाद का फैसला नहीं हो जाता.
वसीयत पर भी उठे सवाल, सामने आए CDR
ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब प्रिया कपूर सचदेव के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इन रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि जिस दिन उनके पति की वसीयत एग्जीक्यूट हुई, वह उस दिन गुरुग्राम नहीं, बल्कि दिल्ली में थीं. प्रिया ने दिल्ली हाई कोर्ट में एफिडेविट में दावा किया था कि वे उस दिन गुरुग्राम में मौजूद थीं और वसीयत के एग्जीक्यूशन के दौरान फिजिकली प्रेजेंट थीं. लेकिन उनका फोन सुबह 9:22 बजे से शाम 4:30 बजे तक नई दिल्ली के सेल टावर्स से कनेक्ट था.
कौन थे संजय कपूर
संजय कपूर की मौत जून 2025 में हुई थी. वे सोना कॉमस्टार के चेयरमैन थे, जो ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है. संपत्ति विवाद में संजय की दूसरी पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान भी शामिल हैं, जो वसीयत को फर्जी बताते हैं. पति की मौत के बाद प्रिया कपूर ने सोना ग्रुप की लीडरशिप संभाली है.
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