
‘मुसलमानों को गाली देने से नहीं बनेगा हिंदू राष्ट्र…’, बांदा में बोले धीरेंद्र शास्त्री ने सनातनियों को दी दोटूक नसीहत
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. बांदा दौरे पर पहुंचे बाबा बागेश्वर ने एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि भारत केवल मुसलमानों को गाली देने से हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, बल्कि इसके लिए हिंदुओं को अपनी कुरीतियां सुधारनी होंगी. विधायक प्रकाश द्विवेदी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने धर्म, आस्था और सामाजिक व्यवस्था पर जमकर अपनी राय रखी.
हिंदू राष्ट्र का रास्ता कुरीतियों के सुधार से: धीरेंद्र शास्त्री
सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के निमंत्रण पर बांदा पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने खुरहंड स्थित विधायक आवास पर भक्तों को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘हिंदू एक बात नोट कर लें, मुसलमानों को गाली देकर भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा. हिंदुओं को पहले अपने भीतर की बुराइयों और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करना होगा.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि जब हिंदू खुद को सुधार लेगा, तभी हिंदू राष्ट्र का सपना साकार होगा.पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने शादी-विवाह और तलाक के मुद्दों पर भी तुलनात्मक टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि एक वो हैं, उनके यहां तो तीन बार हु… हु… हु…और तलाक हो गया’, लेकिन सनातन धर्म में व्यवस्था मजबूत है. यहां जब तक 20-25 बार कोर्ट में पेशी न हो जाए, तब तक रिश्ता नहीं टूटता. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘उनका अपना-अपना है, लेकिन एक बात याद रखें- जो कायदे में रहेंगे, वो फायदे में रहेंगे.’
सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के निमंत्रण पर बांदा पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने खुरहंड स्थित विधायक आवास पर भक्तों को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘हिंदू एक बात नोट कर लें, मुसलमानों को गाली देकर भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा. हिंदुओं को पहले अपने भीतर की बुराइयों और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करना होगा.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि जब हिंदू खुद को सुधार लेगा, तभी हिंदू राष्ट्र का सपना साकार होगा.पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने शादी-विवाह और तलाक के मुद्दों पर भी तुलनात्मक टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि एक वो हैं, उनके यहां तो तीन बार हु… हु… हु…और तलाक हो गया’, लेकिन सनातन धर्म में व्यवस्था मजबूत है. यहां जब तक 20-25 बार कोर्ट में पेशी न हो जाए, तब तक रिश्ता नहीं टूटता. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘उनका अपना-अपना है, लेकिन एक बात याद रखें- जो कायदे में रहेंगे, वो फायदे में रहेंगे.’
हनुमान जी क्या तुम्हारे अंकल हैं?
भक्तों को नसीहत देते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा कि आस्था में मिलावट नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर तुम बीच में ‘अलीउल्लाह’ वालों के पास चले जाओ, चादर चढ़ाने लगो या कैंडल जलाने लगो, और फिर उम्मीद करो कि हनुमान जी कृपा करेंगे, तो ऐसा नहीं होगा. क्या हनुमान जी तुम्हारे अंकल हैं?’ उन्होंने स्पष्ट कहा कि या तो पूरी तरह भगवान पर भरोसा रखो या फिर भटकते रहो. परमात्मा तभी साथ देते हैं जब आप पूर्णतः समर्पित होते हैं.
भक्तों को नसीहत देते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा कि आस्था में मिलावट नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर तुम बीच में ‘अलीउल्लाह’ वालों के पास चले जाओ, चादर चढ़ाने लगो या कैंडल जलाने लगो, और फिर उम्मीद करो कि हनुमान जी कृपा करेंगे, तो ऐसा नहीं होगा. क्या हनुमान जी तुम्हारे अंकल हैं?’ उन्होंने स्पष्ट कहा कि या तो पूरी तरह भगवान पर भरोसा रखो या फिर भटकते रहो. परमात्मा तभी साथ देते हैं जब आप पूर्णतः समर्पित होते हैं.
कैलाशेश्वर महादेव के दर्शन और उमड़ा जनसैलाब
विधायक के साथ धीरेंद्र शास्त्री ने प्रसिद्ध कैलाशेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए. उनके आने की खबर मिलते ही मंदिर परिसर में करीब 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. गौरतलब है कि 10 दिनों के भीतर बांदा में शास्त्री जी का यह दूसरा दौरा है. इससे पहले 16 से 20 जनवरी तक चली हनुमंत कथा में लाखों की भीड़ जुटी थी, जिसमें यूपी सरकार के मंत्रियों सहित कई दिग्गज शामिल हुए थे.
विधायक के साथ धीरेंद्र शास्त्री ने प्रसिद्ध कैलाशेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए. उनके आने की खबर मिलते ही मंदिर परिसर में करीब 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. गौरतलब है कि 10 दिनों के भीतर बांदा में शास्त्री जी का यह दूसरा दौरा है. इससे पहले 16 से 20 जनवरी तक चली हनुमंत कथा में लाखों की भीड़ जुटी थी, जिसमें यूपी सरकार के मंत्रियों सहित कई दिग्गज शामिल हुए थे.
धक्का-मुक्का खाओ, एक दिन सेठ बन जाओगे
अपनी पिछली कथा का जिक्र करते हुए उन्होंने एक भजन भी सुनाया और कहा कि बांदा का यह आयोजन किसी महाकुंभ से कम नहीं था. उन्होंने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, ‘दरबार में धक्का-मुक्का खाते रहो, आज नहीं तो कल बालाजी का भक्त सेठ बनकर ही रहेगा.’
अपनी पिछली कथा का जिक्र करते हुए उन्होंने एक भजन भी सुनाया और कहा कि बांदा का यह आयोजन किसी महाकुंभ से कम नहीं था. उन्होंने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, ‘दरबार में धक्का-मुक्का खाते रहो, आज नहीं तो कल बालाजी का भक्त सेठ बनकर ही रहेगा.’
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