
महाराष्ट्र में प्लेन हादसा: डिप्टी सीएम अजित पवार समेत 6 की मौत, बारामती में सभा रद्द
महाराष्ट्र में बड़ा विमान हादसा हो गया है। डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश हो गया है। बता दें कि अजित पवार की बारामती में सभा होनी थी। लैंडिंग के समय खेत में विमान गिरा। डिप्टी सीएम अजित पवार हादसे के वक्त प्लेन में मौजूद थे। मौके पर पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन की टीम पहुंच चुकी है। क्रैश होते ही विमान में भीषण आग लग गई।महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के बाद अजित पवार आगे की तैयारी में जुट गए थे। जिला परिषद चुनाव के लिए अजित पवार बारामती रवाना हुए थे। बुधवार को बारामती में अजित पवार की 4 सभाएं होने वाली थीं।बताया जा रहा है कि विमान में जितने भी लोग सवार थे, सभी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, अजित पवार समेत कुल 6 लोग सवार थे। हादसा बुधवार सुबह 9 बजे से 9.15 के बीच हुआ।बता दें, अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ नाम ऐसे थे जो सिर्फ पद या पार्टी से ही नहीं, बल्कि अपनी रणनीति और पारिवारिक विरासत के कारण हमेशा चर्चा में रहते थे. वो महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे और लंबे समय से राज्य की राजनीति में अपनी पहचान बना चुके थे. आइए इस लेख में विस्तार से उनके बारे में जानते हैं कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार कौन थे. अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे नामी नेताओं में से एक थे और लंबे समय से राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाए हुए थे. वे राष्ट्रीय किसान कांग्रेस (NCP) के वरिष्ठ नेता थे और शरद पवार के भतीजे भी थे. महाराष्ट्र में वे जनता और पार्टी दोनों के बीच काफी भरोसेमंद और मजबूत नेता माने जाते थे. इसलिए पिछले कुछ सालों में उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा में कई बार जीत हासिल की थी और राज्य के वित्त मंत्री के तौर पर भी काम किया था. अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे अपने काम और रणनीति के दम पर राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार हो गए थे. उन्होंने कई बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था. अजित पवार की राजनीति की सबसे बड़ी ताकत उनकी राजनीतिक सोच और जनता से जुड़ाव था. वे ना सिर्फ पार्टी के भीतर बल्कि जनता के बीच भी लोकप्रिय नेता थे. उनकी विवादों को लेकर विवादों के मजबूत पकड़ थी और सत्ता के निर्णयों में सक्रिय भागीदार भी थे.अजित पवार का राजनीतिक सफर पारिवारिक विरासत से शुरू हुआ था. वो शरद पवार के भतीजे थे, लेकिन इसके बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत और रणनीति से खुद को एक अलग पहचान बनाई थी. वो राजनीतिक और सामाजिक मामलों में हमेशा सक्रिय रहते थे.

