क्यों हुआ अजित पवार का प्लेन क्रैश? एविएशन एक्सपर्ट्स ने बताईं 7 बड़ी संभावित वजहें

क्यों हुआ अजित पवार का प्लेन क्रैश? एविएशन एक्सपर्ट्स ने बताईं 7 बड़ी संभावित वजहें

महाराष्‍ट्र के बारामती इलाके में उपमुख्‍यमंत्री अजित पवार का प्‍लेन क्रैश हो गया है. इस हादसे से उपमुख्‍यमंत्री अजित पवार साथ पांच अन्‍य लोगों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि अजित पवार बारामती में आयोजित एक जनसभा में शामिल होने के लिए चार्टर प्‍लेन से रवाना हुए थे, जिसका रजिस्‍ट्रेशन नंबर VT-SSK था. हादसे की मुख्‍य वजह खराब मौसम बताया जा रहा है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि खराब मौसम में ऐसे कौन से कारण हो सकते हैं, प्‍लेन क्रैश का कारण बने. एविएशन एक्‍सपर्ट्स के अनुसार खराब मौसम में प्‍लेन क्रैश की कोई एक नहीं, बल्कि कई फैक्टर जिम्‍मेदार बनते हैं. हालांकि, प्‍लेन क्रैश की असल वजह क्‍या रही वह डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन और एयरक्राफ्ट एक्‍सीडेंट इंवेस्टिगेशन (एएआईबी) की जांच के बाद ही पता चलेगा. फिलहाल, जल्‍द से जल्‍द डीजीसीए और एएआईबी की टीमें मौंके पर पहुंचने की कोशिश में होंगी, जिससे प्‍लेन के ब्‍लैक बॉक्‍स को सुरक्षित कब्‍जे में लया जा सके. ये हो सकती हैं हादसे की संभावित वजह लो विजि‍बिलिटी: घना कोहरा, भारी बारिश या बादलों की मोटी परत के कारण पायलट को रनवे, पहाड़ या आसपास की बाधाएं साफ दिखाई नहीं देतीं. खासकर लैंडिंग या टेकऑफ के समय यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है. विंड शीयर: यह बेहद खतरनाक मौसम स्थिति है. कुछ सेकंड में हवा की दिशा और रफ्तार बदल जाती है, जिससे प्‍लेन अचानक ऊंचाई खो सकता है. लैंडिंग के समय यह क्रैश का बड़ा कारण बनता है. टर्बुलेंस: क्यूम्युलोनिंबस (बहु तेज हवाएं) में बहुत तेज वर्टिकल एयर मूवमेंट होता है. इससे प्‍लेन का कंट्रोल मुश्किल हो सकता है, खासकर छोटे या हल्के एयरक्राफ्ट टेकऑफ या लैंडिंग कर रहे हों. बिजली गिरना: हालांकि आधुनिक प्‍लेन बिजली सहन कर लेते हैं, लेकिन कभी-कभी इससे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम या सेंसर प्रभावित हो सकते हैं. जिसकी वजह से प्‍लेन क्रैश हो सकते हैं. हालांकि इस मामले में ऐसा नहीं दिख रहा है. इंजन आइसिंग: ठंडे और नम मौसम में विंग्स या इंजन में बर्फ जम सकती है. इससे लिफ्ट कम होती है और इंजन पावर प्रभावित होती है, स्टॉल का खतरा बढ़ता है. चूंकि यह हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ है, लिहाजा इंजन आइसिंग की स्थिति भी कम ही है. पायलट का डिसओरिएंटेशन: घने बादलों या अंधेरे में पायलट को स्पैटियल डिसओरिएंटेशन हो सकता है, यानी दिमाग को दिशा का सही अंदाजा नहीं रहता. इससे गलत कंट्रोल इनपुट हो सकता है. नेविगेशन/इंस्ट्रूमेंट फेलियर: भारी बारिश या स्टॉर्म से रडार, पिटोट ट्यूब (स्पीड सेंसर) या अन्य उपकरण गड़बड़ा सकते हैं. इन वजहों से भी प्‍लेन क्रैश हो सकता है.

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