कैसे सोनिया को राजीव से हुआ था प्यार, जब इंदिरा गांधी से पहली बार मिलीं तो क्या हुआ

कैसे सोनिया को राजीव से हुआ था प्यार, जब इंदिरा गांधी से पहली बार मिलीं तो क्या हुआ

 

सोनिया गांधी पिछले महीने 78 साल की हो गईं. इन दिनों उनकी तबीयत खराब है. एक हफ्ते पहले उन्हें सांस की दिक्कत की वजह से हास्पिटल भी जाना पड़ा. तीन दशकों से कहीं ज्यादा समय से वह कांग्रेस की शीर्ष नेता हैं. हैं. इटली में पैदा हुईं सोनिया की लवस्टोरी भी बेमिसाल है. वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ने के दौरान राजीव गांधी से मिलीं. प्यार हुआ औऱ फिर शादी. उनकी शादी में अमिताभ बच्चन की भी भूमिका थी. वह शादी से पहले उनके घर करीब 45 दिनों तक रहीं.हालांकि सोनिया और राजीव गांधी की लव स्टोरी में उतार-चढ़ाव भी आया. शादी में पारिवारिक अड़चनें आईं. लेकिन ये सही है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, जो उनकी सास बनीं, उन्होंने उन्हें पहली मुलाकात में ही पसंद कर लिया था. उनकी शादी 25 फरवरी 1968 को हुई थी. फिर वह गांधी-नेहरू परिवार की बहू बनीं. भारत आने के बाद से उनकी जिंदगी ने बहुत कुछ घुमाव देखे. उन्होंने हमेशा एक गरिमा का पालन किया.
सोनिया 07 जनवरी 1965 को कैंब्रिज पहुंचीं. यहां काफी विदेशी युवा पढ़ाई के लिए आते हैं. लंदन का ये इलाका सुरक्षित भी है और साफसुथरा भी. उन्होंने यहां के दो मुख्य लैंग्वेज स्कूल में एक में खुद को एनरोल किया. तब कैंब्रिज में ये व्यवस्था थी कि अगर आप विदेशी हैं तो यूनिवर्सिटी आपके ठहरने की व्यवस्था किसी फैमिली के घर पर करती थी. सोनिया को भी एक घर अलॉट हुआ.वहां का खाना उन्हें अच्छा नहीं लग रहा था. शुरुआत में अंग्रेजी बोलने में भी उन्हें दिक्कत थी. खैर उन्हें इसी कैंपस में एक ग्रीक रेस्तरां मिला, जो इतालवी खाना भी खिलाता था. उसका नाम था वर्सिटी. ये यूनिवर्सिटी के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय था. सोनिया ने नियमित तौर पर यहीं खाना शुरू कर दिया. इसके दाम भी ऐसे थे कि स्टूडेंट इसको वहन कर पाएं. राजीव गांधी भी अक्सर दोस्तों के साथ यहां आया करते थे.यहीं सोनिया ने राजीव को देखा. वो शांत और सुंदर थे. बेहद विनम्र भी. दूसरों से अलग. एक दिन जब सोनिया वहां लंच ले रही थीं तब राजीव उनके कॉमन मित्र क्रिस्टियन वॉन स्टीगलिज के साथ दाखिल हुए. तभी उनका आपस में परिचय हुआ.सोनिया गांधी ने अपनी बॉयोग्राफी “सोनिया गांधी-एन एक्स्ट्राआर्डिनरी लाइफ, एन इंडियन डेस्टिनी” की लेखिका रानी सिंह से कहा, “उन्हें पहली ही नजर में राजीव से प्यार हो गया. ऐसा ही राजीव के लिए भी था, क्योंकि राजीव ने ये बात उनसे बताई भी. उन्होंने क्रिस्टियन से पहले ही सोनिया से परिचय कराने को कहा था.”इसके बाद उनमें दोस्ती हुई. दोनों एक दूसरे से घनिष्ठ होने लगे. नेहरू-गांधी परिवार में लंबे पत्र लिखने की परंपरा रही है. उसी का अनुकरण राजीव भी करते थे. वो अपनी मां इंदिरा गांधी को जब पत्र लिखते थे, तब उन्हें कैंपस, पढ़ाई, लाइफ, रूटीन सारी बातें बताते थे. जल्दी ही उनके पत्रों में लिखी जा रही बातों में सोनिया भी शामिल हो गईं. वो मां से उनका जिक्र करने लगे.दोनों अपने परिवारों से दूर थे. तनाव मुक्त और आजाद. उन दिनों राजीव के पास लाल रंग की पुरानी वॉक्सवैगन कार थी. उससे वो रोज सोनिया के पास आया करते थे, जहां वो रहती थीं. अक्सर वो और सोनिया अन्य मित्रमंडली के साथ छुट्टी के दिन कार से सैर के लिए दूर निकल पड़ते. ईंधन का पैसा सभी मिलकर शेयर करते. कभी-कभी वो सोनिया के साथ कार रेसिंग देखने सिल्वरस्टोन चले जाते थे. आज भी सिल्वरस्टोन कार रेसिंग का विश्व प्रसिद्ध ट्रैक है. कई फार्मूला वन टीमों ने इस ट्रैक को अपना बेस भी बनाया हुआ है.

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