अपर्णा यादव राज्य महिला आयोग की बैठक में नहीं पहुंची, खाली पड़ी रही कुर्सी, क्‍या वाकई पति प्रतीक यादव से चल रही अनबन?

अपर्णा यादव राज्य महिला आयोग की बैठक में नहीं पहुंची, खाली पड़ी रही कुर्सी, क्‍या वाकई पति प्रतीक यादव से चल रही अनबन?

आज राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक थी. मगर, इस बैठक में एक कुर्सी खाली रही. यह कुर्सी किसी और की नहीं बल्कि अपर्णा यादव की थी. वह बैठक से नदारद रही. बता दें, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव का परिवार इस समय काफी चर्चाओं में है. उनके बेटे प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आया है, जिसमें अपर्णा यादव के साथ तलाक की बात कही गई है. इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. इस बीच, अपर्णा यादव का मीटिंग से गायब रहना चर्चाओं को और हवा दे गया है.

आज रहीं गायब
21 जनवरी को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं विषयक एक दिवसीय कार्यशाला/मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. इस दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान मौजूद रहीं. मगर, वहीं राज्य महिला आयोग की बैठक में अपर्णा यादव का नहीं पहुंचना सबको खटका. उनकी कुर्सी खाली पड़ी रही.
कौन हैं अपर्णा यादव?
अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. अपर्णा का जन्म पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट और लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रही अंबी बिष्ट के परिवार में हुआ. उनका जन्म 5 फरवरी 1990 को हुआ था. समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उनके पिता को सूचना आयुक्त बनाया गया था. अपर्णा यादव की शुरुआती शिक्षा लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई.स्कूल के दिनों में ही उनकी दोस्ती प्रतीक यादव से हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महज 12 साल की उम्र में प्रतीक यादव ने उन्हें ईमेल के जरिए प्रपोज किया था.
स्कूली पढ़ाई के बाद अपर्णा यादव ने उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन का रुख किया और मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की. शिक्षा के साथ-साथ अपर्णा यादव का रुझान संगीत की ओर भी रहा है. उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से 9 वर्षों तक शास्त्रीय संगीत की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली है. वो ठुमरी शैली में पारंगत मानी जाती हैं और उनके शास्त्रीय गायक के तौर पर कई मौकों पर सराहना भी हुई है. अपर्णा यादव प्रतीक यादव की सगाई साल 2011 में हुई थी. इसी साल दिसंबर महीने में दोनों की शादी मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में हुई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये शादी काफी ज्यादा चर्चा में रही और इसमें अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार भी शामिल हुए थे. इस शादी से उनकी एक बेटी भी है.
यह रहा राजनीतिक सफर
राजनीतिक रूप से अपर्णा यादव का सफर भी लगातार चर्चाओं में रहा है. मुलायम सिंह यादव की बहू होने के बावजूद वह कई बार भाजपा की नीतियों और नेताओं की तारीफ करती नजर आई. साल 2014 में उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी.इसके बाद साल 2017 में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में अच्छा काम कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्हीं बयानों के बाद 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी वह भाजपा की तारीफ करती दिखाई दीं.
प्रतीक यादव के एक ट्वीट से मची हलचल
अब पति प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव को तलाक देने की घोषणा की हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें स्वार्थी महिला बताया और कहा कि वो केवल मशहूर बनना चाहती है. प्रतीक यादव की पोस्ट के बाद उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को लेकर सियासी हलचलें तेज हो गई हैं.
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